वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में प्राइवेट बैंकों को मार्जिन में कमी, एसेट क्वॉलिटी में गिरावट और एनपीए आदि मुश्किलों का बढ़ोतरी का सामना करना पड़ा। जून 2024 तिमाही के दौरान सीजनल चुनौतियों की वजह से प्राइवेट सेक्टर के बैंकों की परफॉर्मेंस में सुस्ती रही। निजी बैंकों ने नतीजों के बाद मीडिया से बातचीत में इस बात को स्वीकार भी किया है
Home / BUSINESS / मार्जिन और एसेट क्वॉलिटी में गिरावट की वजह से प्राइवेट बैंकों के लिए काफी मुश्किल भरा रहा जून क्वॉर्टर
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