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वैश्विक तनाव के बीच मुख्य सचिव ने की पेट्रोलियम आपूर्ति की समीक्षा
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रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति पर जोर
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राज्य में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति सामान्य
भुवनेश्वर। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव के बीच ओडिशा सरकार ने पेट्रोलियम आपूर्ति को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि राज्य में किसी भी परिस्थिति में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। साथ ही आम जनता की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रसोई गैस की निर्बाध उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि वर्तमान में राज्य में सभी पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और संतुलित बनी हुई है।
बैठक में दीर्घकालिक समाधान के रूप में पाइप के माध्यम से गैस आपूर्ति प्रणाली को तेजी से विस्तार देने पर विशेष बल दिया गया। सरकार का मानना है कि यह व्यवस्था न केवल आपूर्ति को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाएगी, बल्कि भविष्य में संभावित संकटों से निपटने में भी सहायक होगी। इस दिशा में संबंधित विभागों को गति बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि राज्य में ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था और अधिक मजबूत व विश्वसनीय बन सके।
वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए ओडिशा में पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य संकट प्रबंधन समूह की उच्चस्तरीय बैठक लोक सेवा भवन में मुख्य सचिव अनु गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू
खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण विभाग के प्रधान सचिव संजय सिंह ने बैठक में जानकारी दी कि राज्य में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू बनी हुई है।
खरीफ मौसम के लिए यूरिया पर्याप्त
वहीं कृषि विभाग के आयुक्त-सह-सचिव सचिन रामचंद्र यादव ने आगामी खरीफ मौसम को ध्यान में रखते हुए यूरिया उर्वरक के भंडार और प्रबंधन की जानकारी दी। कृषि विभाग ने बताया कि राज्य में यूरिया की उपलब्धता सामान्य है और इसकी रोजाना निगरानी की जा रही है।
तेल उत्पादन और रसोई गैस को दी जा रही प्राथमिकता
अधिकारियों ने बताया कि बाहरी चुनौतियों के बावजूद ईंधन और घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता सामान्य है। देश के तेल शोधन संयंत्र अधिकतम क्षमता पर कार्य कर रहे हैं और रसोई गैस आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
गैस वितरण में पारदर्शिता और निगरानी
रसोई गैस वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वितरण स्वीकृति संकेत प्रणाली लागू की गई है। स्कूल, अस्पताल, छात्रावास, आंगनबाड़ी केंद्र, आहार केंद्र और कारागार जैसे आवश्यक संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
पाइप से गैस योजना को बढ़ावा
सरकार इन आवश्यक संस्थानों में चरणबद्ध तरीके से पाइप के माध्यम से प्राकृतिक गैस उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। घरेलू और व्यावसायिक क्षेत्रों में पाइप गैस के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जबकि परिवहन क्षेत्र में संपीड़ित प्राकृतिक गैस को प्रोत्साहित किया जा रहा है। पाइप गैस के कनेक्शन और उपभोक्ताओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है।
होटल और उद्योगों को अतिरिक्त गैस आवंटन
होटल, भोजनालय और ढाबों के लिए व्यावसायिक गैस आवंटन बढ़ाया गया है। इस संबंध में तेल विपणन कंपनियों और होटल संगठनों के साथ नियमित समन्वय किया जा रहा है। इस्पात और वाहन उद्योगों को भी अतिरिक्त गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
शहर गैस नेटवर्क का विस्तार तेज
शहरों में गैस वितरण नेटवर्क के विस्तार को गति दी जा रही है। जिलावार स्तर पर पाइप गैस संरचना को मजबूत करने और बंद कनेक्शनों को पुनः जोड़ने के प्रयास जारी हैं। सरकारी और व्यावसायिक संस्थानों को व्यावसायिक गैस के स्थान पर पाइप गैस अपनाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रवासी श्रमिकों और छात्रों को राहत
पहचान पत्र के आधार पर प्रवासी श्रमिकों और छात्रों को 5 किलोग्राम वाले गैस सिलिंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें राहत मिल सके।
कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई
गैस सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी, डायवर्जन और कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। राज्यभर में छापेमारी तेज कर दी गई है और अवैध सिलेंडर जब्त किए जा रहे हैं। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत दोषियों के खिलाफ मामले दर्ज कर गिरफ्तारी भी की जा रही है।
24 घंटे निगरानी, पुलिस सहयोग सुनिश्चित
राज्य और जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे सक्रिय हैं। संकट प्रबंधन समूह लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और आवश्यक कदम उठा रहा है। गैस की सुरक्षित आपूर्ति के लिए पुलिस सहयोग भी सुनिश्चित किया गया है।
घबराएं नहीं, सहयोग करें – मुख्य सचिव
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने निर्देश दिया कि रसोई गैस की आपूर्ति में आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी जाए और पाइप गैस नेटवर्क को तेजी से विस्तारित किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को किसी भी समस्या पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए और आम जनता से अपील की कि वे घबराएं नहीं और सामान्य स्थिति बनाए रखने में सहयोग करें।
बैठक में विकास आयुक्त देवरंजन कुमार सिंह, गृह, उद्योग और सूचना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हेमंत शर्मा, आवास एवं शहरी विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव उषा पाढ़ी सहित विभिन्न विभागों के सचिव और तेल विपणन कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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