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श्रीजगन्नाथ महाप्रभु के सभी पर्व निर्धारित तिथियों के अनुसार ही मनाएं

  •     श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन का सख्त संदेश

  •     विश्वभर के मंदिरों से शास्त्र पालन की अपील

  •     महाविषुव संक्रांति से आरंभ होगा नया उत्सव वर्ष

  •     इस्कॉन पर फिर परंपरा उल्लंघन का आरोप

पुरी। पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर के प्रशासन ने देश-विदेश के सभी जगन्नाथ मंदिरों से अपील की है कि भगवान श्रीजगन्नाथ महाप्रभु के सभी वार्षिक पर्व केवल शास्त्रों और श्रीमंदिर की प्राचीन परंपरा में निर्धारित तिथियों के अनुसार ही मनाए जाएं।

यह महत्वपूर्ण निर्देश बैसाख कृष्ण पक्ष नवमी (11 अप्रैल 2026) को जारी किया गया है, जो 14 अप्रैल को पड़ने वाली महाविषुव संक्रांति से पहले है। इसी पावन दिन से पुरी में नए उत्सव वर्ष का शुभारंभ होता है।

श्रीमंदिर का आधिकारिक पर्व कैलेंडर जारी

प्रशासन ने श्रीमंदिर में मनाए जाने वाले सभी पर्वों का विस्तृत कैलेंडर भी जारी किया है। इसमें प्रमुख पर्वों को विशेष चिन्ह के साथ दर्शाया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि छोटे मंदिर सभी पर्व नहीं मना सकते, लेकिन प्रमुख वार्षिक पर्व अपने-अपने स्थान की निर्धारित तिथि के अनुसार अवश्य मनाएं।

इस्कॉन पर गंभीर चिंता व्यक्त

इस्कॉन के कुछ विदेशी मंदिरों द्वारा वर्ष भर अलग-अलग तिथियों पर रथयात्रा आयोजित किए जाने पर प्रशासन ने गहरी चिंता जताई है। प्रशासन के अनुसार, 19 अक्टूबर 2025 के एक निर्णय के बाद कई स्थानों पर शास्त्रों के विरुद्ध तिथियों में रथयात्रा आयोजित की जा रही है।

स्नान यात्रा की तिथि में भी अनियमितता

प्रशासन ने यह भी कहा कि कुछ स्थानों पर ज्येष्ठ पूर्णिमा की निर्धारित तिथि के बजाय अन्य दिनों में स्नान यात्रा मनाई जा रही है, जो परंपरा के विपरीत है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि ऐसे स्पष्ट उल्लंघनों से विश्वभर के श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।

शंकराचार्य ने जताई कड़ी आपत्ति

इस विषय पर गोवर्धन मठ के पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती, ने भी कड़ा विरोध जताया है। उन्हें भगवान जगन्नाथ से जुड़े धार्मिक मामलों में सर्वोच्च प्राधिकारी माना जाता है।

मायापुर स्थित मुख्यालय से निर्णय बदलने की अपील

प्रशासन ने इस्कॉन के मायापुर स्थित मुख्यालय से 19 अक्टूबर 2025 के निर्णय को संशोधित करने की अपील की है। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि विश्वभर में आयोजित रथयात्रा और स्नान यात्रा शास्त्रों और प्राचीन परंपरा के अनुसार निर्धारित तिथियों पर ही संपन्न हों।

गजपति महाराज और मुख्य प्रशासक के हस्ताक्षर

यह आधिकारिक विज्ञप्ति श्रीमंदिर के मुख्य प्रशासक डॉ. अरविंद कुमार पाढ़ी और प्रबंध समिति के अध्यक्ष गजपति महाराज दिव्यसिंह देव द्वारा संयुक्त रूप से जारी की गई है।

पावन अवसर पर भगवान से प्रार्थना

विज्ञप्ति के अंत में हनुमान जयंती, महाविषुव संक्रांति और ओड़िया नववर्ष के शुभ अवसर पर भगवान श्रीजगन्नाथ महाप्रभु के चरणों में प्रार्थना की गई है। संपूर्ण विज्ञप्ति, पर्व कैलेंडर और अन्य विवरण पुरी स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन कार्यालय से जारी किए गए हैं।

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