Home / Odisha / ओडिशा में औद्योगिकीकरण को मिलेगी रफ्तार
IAT NEWS INDO ASIAN TIMES ओडिशा की खबर, भुवनेश्वर की खबर, कटक की खबर, आज की ताजा खबर, भारत की ताजा खबर, ब्रेकिंग न्यूज, इंडिया की ताजा खबर

ओडिशा में औद्योगिकीकरण को मिलेगी रफ्तार

  •     3,877 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी

  •     146वीं एसएलएसडब्ल्यूसीए बैठक में 18 परियोजनाएं स्वीकृत

  •     7,565 रोजगार सृजन का लक्ष्य

भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने राज्य को औद्योगिक रूप से विकसित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 3,877 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली नई औद्योगिक परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य आर्थिक विकास को गति देना और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करना है।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में राज्य ने परिणाम आधारित औद्योगिकीकरण मॉडल अपनाया है, जिसमें निवेश को प्रोत्साहन, परियोजनाओं का तेजी से क्रियान्वयन और रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार 150 से अधिक औद्योगिक परियोजनाओं को धरातल पर उतार चुकी है, जो निवेश को वास्तविक उद्योगों में बदलने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मुख्य सचिव अनु गर्ग की अध्यक्षता में हुई स्टेट लेवल सिंगल विंडो क्लीयरेंस अथॉरिटी (एसएलएसडब्ल्यूसीए) की 146वीं बैठक में कुल 18 औद्योगिक परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इनसे बालेश्वर, देवगढ़, गंजाम, जाजपुर, झारसुगुड़ा, केंदुझर, खुर्दा, कोरापुट, पुरी, संबलपुर और सुंदरगढ़ सहित 11 जिलों में 7,565 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

स्वीकृत परियोजनाएं ओडिशा में विविध औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की रणनीति को दर्शाती हैं, जिसमें उन्नत विनिर्माण, हरित उद्योग, बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य और पर्यटन क्षेत्र शामिल हैं।

धातु, स्टील और एल्युमिनियम डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में रनाया एकार्ट एल्युमिनियम पाउडर्स प्राइवेट लिमिटेड एल्युमिनियम निर्माण इकाई स्थापित करेगी, जबकि स्कैन स्टील्स लिमिटेड, जय जगन्नाथ स्टील एंड पावर लिमिटेड और एसएस अलुफॉयल्स इंटरनेशनल लिमिटेड अपनी उत्पादन क्षमता का विस्तार करेंगे। इससे राज्य की धातु उद्योग में अग्रणी स्थिति और मजबूत होगी।

झारसुगुड़ा में सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड विस्फोटक निर्माण इकाई स्थापित करेगी, वहीं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में एनवायर इलेक्ट्रोडाइन लिमिटेड ईएसडीएम यूनिट स्थापित कर उच्च तकनीकी विनिर्माण को बढ़ावा देगी।

फार्मास्युटिकल और मेडिकल डिवाइस क्षेत्र में हरमन फिनोकेम लिमिटेड और एम्बीटेक हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड नई इकाइयां स्थापित करेंगी, जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र की औद्योगिक श्रृंखला मजबूत होगी।

सतत विकास के तहत साउथ ब्लॉक मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड प्लास्टिक और धातु रीसाइक्लिंग की एकीकृत इकाई स्थापित करेगी। वहीं तमिलनाडु इस्पात प्राइवेट लिमिटेड और आल्प्स माइनिंग एंड इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड बुनियादी ढांचा और लॉजिस्टिक्स को सुदृढ़ करेंगे।

समुद्री क्षेत्र में विविधीकरण करते हुए बालेश्वर शिपयार्ड एंड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड जहाज निर्माण और मरम्मत परियोजना शुरू करेगी, जिससे ओडिशा समुद्री औद्योगिक गतिविधियों का उभरता केंद्र बन सकेगा।

पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में भी छह नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिससे पर्यटन ढांचा मजबूत होगा और सेवा क्षेत्र में रोजगार बढ़ेगा।

सरकार की पारदर्शी नीतियों, निवेशकों के बढ़ते विश्वास और त्वरित स्वीकृति प्रणाली के कारण ओडिशा में औद्योगिक विकास को लगातार गति मिल रही है। मुख्यमंत्री माझी के विजन के तहत राज्य पूर्वी भारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है, जो 2036 तक ‘समृद्ध ओडिशा’ और 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Share this news

About desk

Check Also

पहलगाम हमला आतंकवाद की भयावहता का दर्दनाक उदाहरण – धर्मेन्द्र प्रधान

          आक्रमण की बरसी पर उन्होंने इसमें बलिदान दिये लोगों को …