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शक्ति गंवाने के बाद आंतरिक चुनौतियों से जूझ रही बीजद
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नए राज्यसभा सदस्यों के शपथ ग्रहण के बीच बड़ा घटनाक्रम
भुवनेश्वर। बीजू जनता दल (बीजद) के राज्यसभा सांसद डॉ सस्मित पात्र ने उच्च सदन में पार्टी के संसदीय नेता पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक को भेज दिया।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब सत्ता से बाहर होने के बाद पार्टी पहले से ही कई चुनौतियों का सामना कर रही है। राज्यसभा में नेतृत्व पद से पात्र का हटना पार्टी की अंदरूनी एकता पर नए सवाल खड़े करता है।
यह कदम उस समय आया है जब कुछ दिन पहले ही बीजद के नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य डॉ संतृप्त मिश्र ने शपथ ग्रहण किया है। उनके साथ अन्य नए सदस्यों ने भी सदन की सदस्यता संभाली है।
सस्मित पात्र का यह त्यागपत्र मार्च 2026 के अंत में हुए उस विवाद के बाद आया है, जब उन्होंने संचार एवं आईटी पर संसदीय स्थायी समिति की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। यह इस्तीफा समिति के अध्यक्ष और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की उस टिप्पणी के विरोध में था, जिसमें उन्होंने बीजद संस्थापक बीजू पटनायक को सीआईए से जोड़ते हुए आरोप लगाया था कि वह अमेरिका की खुफिया एजेंसी और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बीच ‘कड़ी’ थे। पात्र ने इन टिप्पणियों को राष्ट्रीय नायक के प्रति अपमानजनक बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज किया था और राज्यसभा में बीजद का वॉकआउट भी कराया था।
समिति से अपने इस्तीफे के पत्र में पात्र ने कहा कि “अपनी अंतरात्मा की आवाज पर” वह ऐसे किसी अध्यक्ष के अधीन काम जारी नहीं रख सकते, जिन्होंने इस तरह की टिप्पणियां की हों। इस घटना से ओडिशा में व्यापक रोष फैल गया था और नवीन पटनायक सहित बीजद के नेताओं ने दुबे से माफ़ी की मांग की थी। फिलहाल, बीजद उच्च नेतृत्व की ओर से इस ताजा इस्तीफे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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