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शिशु कथा दिवस पर बच्चों में पढ़ने की आदत और ओड़िया भाषा सीखने की नींव मजबूत करने पर फोकस
भुवनेश्वर। ओड़िया भाषा, साहित्य और संस्कृति विभाग द्वारा 1 अप्रैल से 14 अप्रैल तक राज्यभर में मनाए जा रहे ओड़िया पक्ष के सातवें दिन को ‘शिशु कथा दिवस’ के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न जिलों के प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों को ‘बर्णबोध’ और ‘शिशुलेखा’ पुस्तकों की प्रतियां प्रदान की गईं। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों और प्रतिष्ठित व्यक्तियों को भगवतम् की प्रतियां भेंट की गईं।
राज्यभर में लगभग 18,000 ‘बर्णबोध’ और ‘शिशुलेखा’ पुस्तकें छात्रों के बीच वितरित की गईं, जबकि 2,000 प्रतियां भगवतम् की भी प्रदान की गईं।
मुख्य आयोजन नबरंगपुर जिले के उमरकोट स्थित पीएम श्री सदाशिव शासकीय उच्च विद्यालय में हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड ने बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने और ओड़िया भाषा-शिक्षण की मजबूत नींव रखने के लिए पुस्तकों के वितरण को एक सराहनीय कदम बताया।
‘शिशु कथा दिवस’ का आयोजन राज्यभर के विभिन्न निजी विद्यालयों और स्वयंसेवी संगठनों द्वारा भी किया गया। इस पहल का उद्देश्य ओड़िया भाषा और साहित्य को बढ़ावा देना तथा बच्चों को राज्य की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और लोककथाओं से परिचित कराना है।
उल्लेखनीय है कि ओड़िया पक्ष का आठवां दिन, 8 अप्रैल को, उच्च शिक्षा तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आयोजित एक रक्तदान शिविर को समर्पित होगा।
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