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तीन जिलों में एक साथ छापेमारी में 50 लाख से अधिक नकदी, सोना-चांदी बरामद
भुवनेश्वर। ओडिशा में संगठित गो तस्करी नेटवर्क के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्वी रेंज के कई जिलों में व्यापक और समन्वित छापेमारी की। इस अभियान के दौरान पुलिस ने 50 लाख से अधिक नकदी, बड़ी मात्रा में सोना-चांदी, पशुओं के अवैध परिवहन में इस्तेमाल होने वाले कई वाहन तथा कई हथियार बरामद किए हैं।
यह व्यापक अभियान मयूरभंज, बालेश्वर और भद्रक जिलों के कई स्थानों पर एक साथ चलाया गया। पुलिस ने इस दौरान अवैध पशु तस्करी से जुड़े होने के संदेह में कई लोगों को हिरासत में भी लिया है। ओडिशा पुलिस के पूर्वी रेंज के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) पिनाक मिश्र ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि यह अभियान क्षेत्र में लगातार मिल रही पशु चोरी और तस्करी की शिकायतों के बाद शुरू किया गया था।
32 स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चला
पुलिस के मुताबिक, इस अभियान के तहत मयूरभंज, बालेश्वर और भद्रक जिलों में कुल 32 स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया। इन स्थानों की पहचान खुफिया सूचनाओं और स्थानीय किसानों तथा ग्रामीणों से मिली शिकायतों के आधार पर की गई थी। किसानों और स्थानीय निवासियों ने पुलिस को बताया था कि क्षेत्र में पशु चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं और संदिग्ध वाहनों के जरिए पशुओं की अवैध ढुलाई की जा रही है।
पशु चोरी और तस्करी की लगातार शिकायतें
डीआईजी पिनाक मिश्र ने कहा कि पुलिस को पूर्वी रेंज के विभिन्न इलाकों से पशु चोरी और तस्करी की कई शिकायतें मिल रही थीं। उन्होंने कहा कि हमें अपने अधिकार क्षेत्र के कई इलाकों से पशु चोरी और तस्करी से संबंधित लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों और खुफिया सूचनाओं के आधार पर तीनों जिलों के पुलिस अधीक्षकों की निगरानी में समन्वित अभियान शुरू किया गया। फिलहाल यह अभियान जारी है
पुलिस टीमों ने उन घरों और परिसरों में तलाशी ली, जिन्हें गो तस्करी में शामिल होने का संदेह था। इस दौरान पुलिस ने अवैध व्यापार से जुड़े वित्तीय लेनदेन, परिवहन नेटवर्क और अन्य साक्ष्यों की भी तलाश की।
अभियान में बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात
इस अभियान के व्यापक स्वरूप को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया, ताकि सभी स्थानों पर एक साथ छापेमारी की जा सके और आरोपी फरार न हो सकें।
डीआईजी मिश्र ने बताया कि इस ऑपरेशन में 18 प्लाटून पुलिस बल के साथ कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे।अभियान में कुल 8 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी), 17 उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) स्तर के अधिकारी, 25 इंस्पेक्टर तथा 67 सब-इंस्पेक्टर और एएसआई को तैनात किया गया था।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में नकदी और कीमती सामान बरामद किए, जिन्हें अवैध पशु तस्करी से अर्जित धन से खरीदा गया होने का संदेह है।
कई स्थानों पर अभी भी नकदी की गिनती जारी
डीआईजी मिश्र ने बताया कि अब तक 50 लाख से अधिक नकदी जब्त की जा चुकी है, हालांकि अंतिम राशि इससे अधिक हो सकती है, क्योंकि कई स्थानों पर अभी भी नकदी की गिनती जारी है। उन्होंने बताया कि अब तक 32 स्थानों पर छापेमारी की गई है और 50 लाख से अधिक नकदी बरामद हुई है। यह प्रारंभिक आंकड़ा है, क्योंकि कुछ स्थानों पर अभी भी गिनती चल रही है।
जब्त वाहनों के दस्तावेजों की हो रही जांच
छापेमारी के दौरान कई ऐसे वाहन भी जब्त किए गए हैं जिनका उपयोग पशुओं के अवैध परिवहन में किया जा रहा था। पुलिस फिलहाल इन वाहनों के पंजीकरण और स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
मिश्र ने बताया, कि अवैध पशु परिवहन में इस्तेमाल होने वाले कई वाहन भी जब्त किए गए हैं। इन वाहनों से जुड़े दस्तावेजों की जांच जारी है और ऑपरेशन पूरा होने के बाद सटीक आंकड़े साझा किए जाएंगे।
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