Home / Odisha / बड़म्बा सहकारी चीनी उद्योग के पुनरुद्धार का प्रस्ताव
IAT NEWS INDO ASIAN TIMES ओडिशा की खबर, भुवनेश्वर की खबर, कटक की खबर, आज की ताजा खबर, भारत की ताजा खबर, ब्रेकिंग न्यूज, इंडिया की ताजा खबर

बड़म्बा सहकारी चीनी उद्योग के पुनरुद्धार का प्रस्ताव

  •     आईपीएल लगाएगा 352 करोड़ का ग्रीनफील्ड शुगर कॉम्प्लेक्स

  •     चीनी मिल 13 साल से है बंद

  •     किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पुनर्जीवित करने के लिए सरकार का बड़ा कदम

भुवनेश्वर। बड़म्बा सहकारी चीनी उद्योग लिमिटेड (बीसीएसआईएल) को फिर से चालू करने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। सहयोग विभाग ने राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष एक प्रस्ताव रखा है, जिसमें इंडियन पोटाश लिमिटेड (आईपीएल) के माध्यम से बंद पड़ी चीनी मिल के पुनरुद्धार के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज को मंजूरी देने का अनुरोध किया गया है। यह प्रस्ताव औद्योगिक नीति संकल्प, 2022 (आईपीआर-2022) के तहत विशेष सहायता तंत्र के प्रावधानों के अनुसार प्रस्तुत किया गया है।

बड़म्बा चीनी मिल वर्ष 2011 से बंद पड़ी है, जिसके कारण क्षेत्र के गन्ना किसानों की आय पर गंभीर असर पड़ा और आसपास की ग्रामीण अर्थव्यवस्था लगभग ध्वस्त हो गई। मिल बंद होने के बाद किसानों ने मजबूरन फिर से धान की पारंपरिक खेती की ओर रुख किया और चीनी उद्योग से जुड़ा पूरा इकोसिस्टम खत्म हो गया। इसी स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने आईपीएल से इस बंद पड़े उद्योग को पुनर्जीवित करने का अनुरोध किया था।

राज्य सरकार के आग्रह पर आईपीएलने 352 करोड़ रुपये की लागत से एक इंटीग्रेटेड ग्रीनफील्ड शुगर कॉम्प्लेक्स स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। इसमें 3500 टीसीडी सल्फर-लेस शुगर प्लांट, 16 मेगावाट को-जनरेशन प्लांट और 10 टीपीडी कम्प्रेस्ड बायो-गैस (सीबीजी) प्लांट शामिल होंगे, जिन्हें बाड़म्बा की बंद पड़ी चीनी मिल की जमीन पर स्थापित किया जाएगा।

सरकार ने आईपीएल को 4% ब्याज सब्सिडी और पारंपरिक 20% पूंजी निवेश सब्सिडी के अलावा अतिरिक्त 10% सब्सिडी देने का प्रस्ताव रखा है, जिससे कुल सब्सिडी 30% हो जाएगी। कृषि विभाग के सहयोग से गन्ना क्षेत्र का विस्तार करने के लिए विशेष अभियान चलाने की भी योजना है, ताकि मिल के पुनरुद्धार के साथ-साथ गन्ना उत्पादन भी बढ़ सके।

चीनी उद्योग के फिर से शुरू होने से क्षेत्र में गन्ना खेती को पुनर्जीवन मिलेगा और किसानों की आय स्थिर एवं बढ़ सकेगी। इस परियोजना से 500 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार और बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही, इससे सहायक उद्योग, ग्रामीण व्यापार और ऊर्जा क्षेत्र में नए अवसर बनेंगे। को-जनरेशन और सीबीजी उत्पादन मॉडल नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देगा और परिपत्र जैव-अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा।

राज्य सरकार का मानना है कि यह कदम बाड़म्बा क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करेगा, फसली विविधीकरण को गति देगा और किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाएगा। 352 करोड़ का यह निजी निवेश राज्य में ग्रामीण औद्योगिकीकरण और संतुलित क्षेत्रीय विकास को नई दिशा देगा।

Share this news

About desk

Check Also

पहलगाम हमला आतंकवाद की भयावहता का दर्दनाक उदाहरण – धर्मेन्द्र प्रधान

          आक्रमण की बरसी पर उन्होंने इसमें बलिदान दिये लोगों को …