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1.55 लाख लोगों के पास मिले दोहरे वोटर आईडी
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सुंदरगढ़ में सबसे अधिक, इसके बाद कटक, गंजाम, अनुगूल और पुरी में नाम हुए डिलीट
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मृत्यु, पलायन और डुप्लिकेशन सबसे बड़ी वजह
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सरकार बोली-सूची हुई और अधिक पारदर्शी
भुवनेश्वर। ओडिशा विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों ने वोटर लिस्ट संशोधन के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और डुप्लिकेशन का खुलासा किया है। अधिकारियों ने बताया कि सुधार प्रक्रिया में कुल 7,68,521 नाम वोटर सूची से हटाए गए, जिनमें से 1,55,318 लोगों के पास अलग-अलग स्थानों पर दो या अधिक वोटर आईडी कार्ड पाए गए।
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, 6 दिसंबर पिछले वर्ष से 22 मार्च तक की अवधि में 2,03,396 नाम मृत्यु के कारण, 4,08,132 नाम पलायन (माइग्रेशन) के कारण था 2,646 नाम अन्य कारणों से हटाए गए।
इसी अवधि में 5,67,034 नए आवेदन वोटर सूची में नाम जोड़ने के लिए प्राप्त हुए। जिला स्तर पर सुंदरगढ़ में सबसे अधिक नाम हटाए गए, जहां 1,44,726 मतदाताओं को सूची से हटाया गया। इसके बाद कटक में 74,881, गंजाम में 47,989, अनुगूल में 37,927, और पुरी में 36,679 नामों को डिलीट किया गया।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने यह आंकड़े आठगढ़ विधायक रणेन्द्र प्रताप स्वाईं द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब में साझा किए। उन्होंने कहा कि यह संशोधन प्रक्रिया मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से की गई है।
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