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ओडिशा सरकार का बीएड को लेकर बड़ा फैसला

  •  ओटीईटी श्रेणी-द्वितीय के लिए दो वर्षीय विशेष शिक्षा बीएड को मिली पात्रता

भुवनेश्वर। शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं और समावेशी शिक्षा को मजबूती देने की दिशा में ओडिशा सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने ओडिशा शिक्षक पात्रता परीक्षा (ओटीईटी) की श्रेणी-द्वितीय के लिए दो वर्षीय विशेष शिक्षा बीएड करने वाले अभ्यर्थियों को भी पात्र घोषित कर दिया है।

पहले केवल एक वर्षीय बीएड को थी मान्यता

सरकार के इस ताजा फैसले से पहले ओटीईटी श्रेणी-द्वितीय में शामिल होने के लिए केवल एक वर्षीय विशेष शिक्षा बीएड धारकों को ही अनुमति दी जाती थी। अब पात्रता का दायरा बढ़ाते हुए दो वर्षीय विशेष शिक्षा बीएड उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को भी परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी गई है।

शिक्षक शिक्षा मानकों के अनुरूप निर्णय

सूत्रों के अनुसार यह फैसला शिक्षक शिक्षा के बदलते मानकों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इसका उद्देश्य राज्य में प्रशिक्षित और योग्य शिक्षकों की संख्या बढ़ाना, विशेष रूप से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा के लिए दक्ष शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

विशेष शिक्षकों की बढ़ती मांग को मिलेगा समाधान

राज्य में ऐसे शिक्षकों की मांग लगातार बढ़ रही है, जो दिव्यांग और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के साथ कार्य करने के लिए प्रशिक्षित हों। सरकार का यह कदम न केवल रोजगार के नए अवसर खोलेगा, बल्कि विद्यालयों में समावेशी शिक्षा व्यवस्था को भी सशक्त बनाएगा।

स्कूलों में नियुक्ति के लिए अनिवार्य है ओटीईटी

गौरतलब है कि ओडिशा शिक्षक पात्रता परीक्षा राज्य के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति के लिए एक अनिवार्य योग्यता है। पात्रता नियमों में इस विस्तार से भविष्य में शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया को और गति मिलने की उम्मीद है।

समावेशी शिक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता

इस निर्णय के साथ ओडिशा सरकार ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि वह शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने और समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला राज्य की शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और संवेदनशील बनाएगा।

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