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866 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
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188 गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों में भर्ती कराया गया
भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय अति भीषण चक्रवाती तूफान अर्णव के आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने के साथ ओडिशा में आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। गंजाम जिले में प्रशासन ने 1,029 अस्थायी आश्रय स्थल तैयार किए हैं और संवेदनशील क्षेत्रों से 866 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। इनमें 188 गर्भवती महिलाएं शामिल हैं, जिन्हें चिकित्सा संस्थानों और सुरक्षित अस्थायी केंद्रों में स्थानांतरित किया गया है। जिले के 922 संवेदनशील गांवों की निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों को तैनात करने के साथ तटीय और पहाड़ी क्षेत्रों में एहतियाती कदम उठाए हैं।
गंजाम में तीन ओड्राफ और दो एनडीआरएफ इकाइयां तैनात
गंजाम जिला प्रशासन ने आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव व्यवस्था सक्रिय कर दी है। जिलाधिकारी के अनुसार, जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओड्राफ) की तीन टीमें और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की दो इकाइयां तैनात की गई हैं। इनका उद्देश्य जरूरत पड़ने पर तत्काल बचाव, खोज और राहत अभियान चलाना है।
922 संवेदनशील गांवों पर विशेष नजर
जिले के 922 संवेदनशील गांवों पर विशेष नजर रखी जा रही है। आश्रय स्थलों में भोजन और अन्य जरूरी राहत सामग्री की व्यवस्था की गई है। समुद्र में खराब होती स्थिति के बीच पड़ोसी आंध्र प्रदेश की 30 मछली पकड़ने वाली नौकाओं ने गोपालपुर बंदरगाह पर सुरक्षित आश्रय लिया है।
प्रशासन ने तटीय तथा निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 अक्टूबर के बाद चक्रवात कमजोर पड़ना शुरू हो सकता है। इसके 29 अक्टूबर को गहरे दबाव और 30 अक्टूबर को दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है। 30 अक्टूबर से ओडिशा में बारिश और तेज हवाओं के प्रभाव में कमी आने का अनुमान है।
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