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राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने ने दी जानकारी
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सरकार शून्य जनहानि के लक्ष्य के साथ तैयार
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आठ संवेदनशील जिलों के लिए 19 करोड़ रुपये जारी
भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय अति भीषण चक्रवाती तूफान अर्णव के आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने के साथ ओडिशा में सतर्कता बढ़ा दी गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के बापटला और विशाखापट्टनम के बीच तूफान के तट पार करने की संभावना है। इसके बाद दक्षिणी ओडिशा में इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है। राज्य में मालकानगिरि जिले पर सबसे अधिक असर पड़ने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा कोरापुट, नवरंगपुर, रायगड़ा और गजपति जिलों में भारी बारिश तथा तेज हवाओं का खतरा है। राज्य सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए प्रशासन को सतर्क कर दिया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में कहा कि सरकार किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है और शून्य जनहानि के लक्ष्य के साथ काम कर रही है।
आठ संवेदनशील जिलों के लिए 19 करोड़ रुपये जारी
चक्रवात से निपटने के लिए राज्य सरकार ने आठ संवेदनशील जिलों में राहत एवं आपातकालीन कार्यों के लिए 19 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इस राशि का उपयोग प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं करने, राहत सामग्री उपलब्ध कराने और आपात स्थिति में बचाव कार्यों को संचालित करने के लिए किया जाएगा।
सरकार ने प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओड्राफ) और अग्निशमन सेवा के दलों को दक्षिणी ओडिशा के संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है।
466 चक्रवात आश्रय स्थल तैयार, 48 हजार लोगों के स्थानांतरण की योजना
प्रशासन ने 466 चक्रवात आश्रय स्थलों को तैयार रखने की जानकारी दी है। इन केंद्रों में भोजन, सुरक्षित पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था की गई है। निचले इलाकों और अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाले करीब 48 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की गई है।
मालकानगिरि जिले को विशेष रूप से संवेदनशील माना जा रहा है। यहां प्रशासन को लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रखने और राहत सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए बचाव दलों को तैयार रखा गया है।
मालकानगिरि समेत दक्षिणी ओडिशा में भारी बारिश की आशंका
भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवात अर्णव के 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश तट पार करने की संभावना है। इसके बाद दक्षिणी ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का प्रभाव देखने को मिल सकता है। मालकानगिरि के अलावा कोरापुट, नवरंगपुर, रायगड़ा और गजपति जिलों में भी मौसम खराब रहने की आशंका है।
चक्रवात का असर तटीय और आंतरिक ओडिशा में दिखने लगा है। राजधानी भुवनेश्वर सहित कई इलाकों में बादल छाने और बूंदाबांदी होने की सूचना है। गंजाम, गजपति, कोरापुट, मालकानगिरि और रायगड़ा में भी हल्की बारिश दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।
स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी, अफवाहों से बचने की अपील
चक्रवात के खतरे को देखते हुए प्रभावित दक्षिणी जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य बच्चों और विद्यार्थियों को खराब मौसम तथा संभावित तेज हवाओं से सुरक्षित रखना है।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने अफवाहों पर विश्वास नहीं करने और अपुष्ट सूचनाएं नहीं फैलाने का आग्रह किया। सरकार के अनुसार, चक्रवात की दिशा और तीव्रता पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा आपातकालीन दलों को जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रखा गया है।
पुरी के जगन्नाथ मंदिर क्षेत्र में सतर्कता, काकटपुर में भी असर
चक्रवात के प्रभाव से ओडिशा के तटीय इलाकों में भी मौसम बदल रहा है। पुरी जिले के काकटपुर क्षेत्र में तूफान की बाहरी हवाओं और बारिश का असर सामने आने की खबरें हैं। पुरी में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए प्रशासन सतर्क है। जगन्नाथ मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही और सुरक्षा को लेकर भी एहतियाती कदम उठाए जाने की सूचना है।
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