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तैयारियों को मजबूत करने पर जोर
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने राज्य में हीटवेव की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एक व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। यह जानकारी राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने शनिवार को दी।
मीडिया को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि इस एसओपी का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करना और जिला प्रशासन को स्थानीय तापमान एवं परिस्थितियों के आधार पर त्वरित निर्णय लेने के लिए सशक्त बनाना है।
नई गाइडलाइन के तहत जिला कलेक्टरों को आवश्यक कदम उठाने के लिए अधिकृत किया गया है, ताकि वे अपने-अपने जिलों में हीटवेव की तीव्रता के अनुसार तुरंत कार्रवाई कर सकें। हालांकि, इन निर्णयों को बाद में राज्य सरकार की स्वीकृति प्राप्त होगी।
प्रस्तावित उपायों के तहत अत्यधिक गर्मी वाले क्षेत्रों में दोपहर 11 बजे से 3 बजे के बीच वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने पर विचार किया जा रहा है। साथ ही, सड़क किनारे चालकों के लिए अस्थायी शरणस्थल स्थापित करने और ओआरएस पैकेट व पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की योजना भी बनाई गई है, ताकि लू से होने वाली बीमारियों को रोका जा सके।
मंत्री ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष हीटवेव शेल्टर भी स्थापित किए जाएंगे, जो राज्य में पहले से मौजूद चक्रवात और बाढ़ शेल्टर की तर्ज पर होंगे।
आपातकालीन सेवाओं, जैसे एंबुलेंस और अग्निशमन सेवाओं को निर्देश दिया गया है कि वे आपातकालीन कॉल पर 20 मिनट के भीतर प्रतिक्रिया सुनिश्चित करें। इसके अलावा, केंद्र और राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों तथा राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित उद्योगों ने भी गर्मी के दौरान यात्रियों को पेयजल और ओआरएस उपलब्ध कराने पर सहमति जताई है।
सरकार पंचायत राज एवं पेयजल, आवास एवं शहरी विकास विभागों तथा जिला प्रशासन के साथ समन्वय में कार्य कर रही है, ताकि इन उपायों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
मंत्री ने कहा कि सभी जिलों ने अपनी तैयारियों की रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है और हम स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार ओडिशा हीटवेव से निपटने के लिए अधिक सशक्त स्थिति में है।
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