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देवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, घर-घर बना पारंपरिक ‘पणा’
भुवनेश्वर। ओडिशा में आज महा विषुव पणा संक्रांति और ओड़िया नववर्ष के पावन अवसर पर पूरे राज्य में उत्सव का माहौल देखने को मिला। यह राज्य के प्रमुख सांस्कृतिक पर्वों में से एक है, जिसे लोग पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मना रहे हैं। मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।
महा विषुव पणा संक्रांति के अवसर पर घर-घर में पारंपरिक पेय ‘पणा’ तैयार किया गया और परिवार व समुदाय के बीच वितरित किया गया। इस दिन तुलसी के पवित्र पौधे के नीचे ‘पणा’ अर्पित करने की परंपरा विशेष महत्व रखती है, जो इस पर्व की आध्यात्मिकता को दर्शाती है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम
राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समान रूप से इस पर्व को धूमधाम से मनाया गया। ओड़िया नववर्ष केवल एक पर्व नहीं, बल्कि नई शुरुआत, शांति और सौहार्द का प्रतीक माना जाता है। नए ओड़िया पंचांग की शुरुआत के साथ ही विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विशेष आयोजनों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
हनुमान जयंती के साथ बढ़ा भक्तिमय माहौल
आज के दिन हनुमान जयंती भी मनाई जा रही है, जिससे पूरे प्रदेश में भक्ति का माहौल और गहरा हो गया है। कटक और संबलपुर जैसे शहरों में भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं, जिनमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। त्योहारों के शांतिपूर्ण और सुरक्षित आयोजन के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
नेताओं ने दी शुभकामनाएं, समृद्धि और शांति की कामना
ओड़िया नववर्ष के अवसर पर देश-प्रदेश के नेताओं ने भी शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश-विदेश में रह रहे लोगों को बधाई देते हुए इस पर्व को भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक बताया।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने लोगों को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि नया वर्ष सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाएगा तथा ओड़िया संस्कृति को वैश्विक स्तर पर और सशक्त करेगा।
विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने भगवान जगन्नाथ भगवान से प्रार्थना करते हुए नए वर्ष में नई संभावनाओं और अवसरों की कामना की।
उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा और केवी सिंहदेव ने भी प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए इस पर्व को प्रगति, एकता और समृद्धि का संदेश देने वाला बताया।
संस्कृति और परंपरा का जीवंत प्रतीक बना पर्व
महा विषुव पणा संक्रांति, जिसे पणा संक्रांति के नाम से भी जाना जाता है, ओड़िया नववर्ष का प्रतीक है और यह राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है। यह पर्व लोगों को नई ऊर्जा, नई उम्मीद और सामूहिक विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
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