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केंद्रुझर में भीषण ओलावृष्टि

  •     गरज-चमक और तूफान का आईएमडी अलर्ट

  •     विशाल ओलों ने बढ़ाई चिंता, मौसम हुआ अनिश्चित

केंदुझर। केंदुझर में अचानक आई भीषण ओलावृष्टि ने पूरे ओडिशा में मौसम की अनिश्चितता को बढ़ा दिया। 500 ग्राम से लेकर 1 किलोग्राम तक वजन वाले बड़े-बड़े ओलों ने जनजीवन में व्यापक बाधा उत्पन्न की और चल रहे मौसम तंत्र की गंभीरता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

ऊपरी वायु चक्रवात से जुड़ा है खराब मौसम

आईएमडी के अनुसार यह अत्यधिक मौसम परिवर्तन छत्तीसगढ़ के ऊपर बने ऊपरी वायु चक्रवात से प्रभावित है। इसी प्रणाली के कारण ओडिशा के कई जिलों में गरज-चमक, तेज बारिश, झोंकेदार हवाएं और ओलावृष्टि की स्थिति बनी हुई है।

ओडिशा के कई जिलों में अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों, मयूरभंज, बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर और केंदुझर में तेज बारिश, बिजली कड़कने, 60 किमी/घंटा तक की हवाओं और ओलावृष्टि की संभावना है।

येलो अलर्ट वाले जिलों, केंद्रापड़ा, जगतसिंहपुर, सुंदरगढ़ और झारसुगुड़ा में गरज-चमक के साथ 30-50 किमी/घंटा की हवाओं की संभावना जताई गई है।

आने वाले सात दिनों का मौसम पूर्वानुमान

9 अप्रैल को तटीय और उत्तरी जिलों में व्यापक बारिश और गरज-चमक देखी जा सकती है, जबकि अलर्ट वाले क्षेत्रों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं का जोखिम रहेगा।

10 अप्रैल को कटक, पुरी और खुर्दा सहित कई जिलों में मध्यम बारिश और तूफानी हालात बने रहेंगे। 11 अप्रैल को भी उत्तरी और तटीय ओडिशा में अस्थिर मौसम जारी रहने की संभावना है। 12 से 15 अप्रैल के बीच मौसम शुष्क होना शुरू होगा और बालेश्वर, भद्रक, खुर्दा और गंजाम में तापमान तेजी से बढ़ेगा तथा उमस बढ़ेगी।

जनता के लिए सुरक्षा सलाह

अधिकारियों ने इस अस्थिर मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। गरज-चमक के समय घर के अंदर रहें, खुले मैदान और ऊंचे ढांचों से दूर रहें तथा तेज हवाओं से नुकसान रोकने के लिए ढीली वस्तुओं को सुरक्षित करें। साथ ही, आईएमडी ने चेतावनी दी है कि सप्ताह के उत्तरार्ध में बढ़ती गर्मी और उमस हीट-स्ट्रेस का खतरा बढ़ा सकती है, इसलिए लोगों को हाइड्रेटेड रहने और आवश्यक एहतियात बरतने की जरूरत है।

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