-
कानून मंत्री ने आयोग की वार्षिक रिपोर्ट और नई वेबसाइट जारी की
-
कहा-विधि आयोग के गठन से अब मिल रहे हैं ठोस परिणाम
-
288 अप्रचलित कानूनों को निरस्त करने और आठ महत्वपूर्ण कानूनों में संशोधन के प्रस्ताव मिले
भुवनेश्वर। ओडिशा राज्य विधि आयोग के गठन के एक वर्ष पूरे होने के मौके पर कानून, पीडब्ल्यूडी और आबकारी मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने आयोग की 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट जारी की और नई आधिकारिक वेबसाइट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर राज्य में 288 अप्रचलित कानूनों को समाप्त करने और आठ प्रमुख कानूनों में संशोधन के प्रस्तावों को भी उजागर किया गया।
कार्यक्रम में मंत्री हरिचंदन ने कहा कि आजादी के दशकों बाद भी कई पुराने कानून अब तक लागू हैं, जबकि हाल ही में केंद्र द्वारा लागू भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम ने न्याय व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप दिया है। उन्होंने बताया कि विधि आयोग के गठन से अब ठोस परिणाम मिल रहे हैं। 288 अप्रचलित कानूनों को निरस्त करने और आठ महत्वपूर्ण कानूनों में संशोधन के प्रस्ताव सामने आए हैं। इससे राज्य की कानूनी व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित होगी, विकसित ओडिशा की दृष्टि तेज होगी और ओड़िया पहचान को नई दिशा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि नई वेबसाइट राज्य के विधि सुधारों में पारदर्शिता बढ़ाएगी, जनता की भागीदारी सुनिश्चित करेगी और कानूनों के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया को गति देगी।
मंत्री ने जारी वार्षिक रिपोर्ट को आयोग के ईमानदार प्रयास और समर्पण का सच्चा प्रतिबिंब” बताया और सदस्यों एवं कर्मचारियों को पहले वर्ष की उपलब्धियों पर बधाई दी।
ओडिशा राज्य विधि आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति विश्वनाथ रथ ने आयोग के गठन, कार्यप्रणाली और अब तक की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। विधि विभाग के प्रधान सचिव पवित्र मोहन सामल ने स्वागत भाषण दिया।
कार्यक्रम में सदस्य सूर्य प्रसाद मिश्र, सौर चंद्र महापात्र, प्रोफेसर ललित कुमार देव, सदस्य सचिव गंगाधर सेठी सहित विधि विभाग और आयोग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
