-
दोहरा इंजन, दोहरी नीति, रोजगार व सुशासन में विफलता के आरोप
-
सेवानिवृत्त अधिकारियों की पुनर्नियुक्ति पर उठे सवाल
भुवनेश्वर। बीजद ने ओडिशा की भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद भाजपा ने सेवानिवृत्त अधिकारियों की पुनर्नियुक्ति को बढ़ावा देकर अपने ही पुराने रुख से यू-टर्न लिया है। शंख भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में बीजद के प्रवक्ता डॉ लेनिन मोहंती ने कहा कि विपक्ष में रहते हुए भाजपा ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की संविदा नियुक्ति का विरोध किया था, जबकि अब सरकार ने ऐसे पुनर्नियुक्तियों को आसान बनाने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने बताया कि सामान्य प्रशासन और जन शिकायत विभाग ने 12 सितंबर 2024 को सेवानिवृत्त अधिकारियों की पुनर्नियुक्ति के लिए एक गाइडलाइन जारी की थी। इसके बाद 2 अप्रैल 2026 की अधिसूचना में कई नियमों को और ढीला कर दिया गया, जैसे पिछले पांच वर्षों की ‘उत्कृष्ट’ सीसीआर की अनिवार्यता और रिटायरमेंट के बाद सरकारी आवास खाली करने की शर्त को हटा दिया गया।
मोहंती ने कहा कि पहले भाजपा पुनर्नियुक्ति का विरोध करती थी, अब खुद उसका स्वागत कर रही है। यह दोहरे मानदंडों का स्पष्ट उदाहरण है, दोहरा इंजन, दोहरी नीति।
उन्होंने दावा किया कि सरकार ने लगभग 800 सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को एसआई और एएसआई के रूप में, 186 सिविल इंजीनियरों को तथा ओएएस अधिकारियों को भी पुनर्नियुक्त करने के लिए प्रावधान किया है।
बीजद ने भाजपा पर युवा रोजगार के वादों से पीछे हटने का भी आरोप लगाया। मोहंती ने कहा कि भाजपा ने अपने घोषणापत्र में पांच वर्षों में 3.5 लाख युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन सरकार ने अब तक सिर्फ 39,505 नौकरियों का दावा किया है, जिनमें से 33,867 भर्ती प्रक्रियाएं बीजद शासनकाल में शुरू हुई थीं। इससे वर्तमान भाजपा सरकार के हिस्से में केवल 5,638 नियुक्तियां आती हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इस गति से सरकार को अपना वादा पूरा करने में लगभग 124 वर्ष लग जाएंगे। बीजद ने कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति, महिलाओं की बढ़ती असुरक्षा, बढ़ते कर्ज़ और सुशासन की कमी पर भी सवाल उठाए। यह बयान ऐसे समय आया है जब 2024 विधानसभा चुनावों के बाद राज्य की सत्ता परिवर्तन को लेकर दोनों दलों के बीच राजनीतिक तनातनी जारी है।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
