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मजबूत पंचायतें ही सतत विकास की आधारशिला: मंत्री रवि नारायण नायक
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जमीनी शासन के लिए क्षमता विकास की पुनर्कल्पना विषय पर कार्यशाला आयोजित
भुवनेश्वर। देशभर में मनाए जा रहे ‘साधना सप्ताह’ (2-8 अप्रैल 2026) अभियान के तहत मंगलवार को भुवनेश्वर स्थित कृषि भवन में पंचायत कर्मियों और प्रतिनिधियों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ‘विकसित पंचायत’ व्हाट्सऐप चैटबॉट और एक विशेष ई-लर्निंग मॉड्यूल का भी शुभारंभ किया गया। इसका शुभारंभ “जमीनी शासन के लिए क्षमता विकास की पुनर्कल्पना” विषय पर एक कार्यशाला का सफल आयोजन के दौरान किया गया।
यह कार्यक्रम कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन (सीबीसी), कार्मिक चयन एवं प्रशिक्षण विभाग, कर्मयोगी भारत और ओडिशा सरकार के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यशाला में प्रौद्योगिकी, परंपरा और वास्तविक परिणामों के आधार पर जमीनी स्तर की शासन व्यवस्था को मजबूत बनाने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होते हुए ओडिशा सरकार के ग्रामीण विकास, पंचायतीराज एवं पेयजल मंत्री रवि नारायण नायक ने कहा कि समग्र और सतत विकास के लिए मजबूत पंचायत व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर और कौशल-आधारित प्रशिक्षण प्रणाली विकसित करना समय की आवश्यकता है।
पंचायत स्तर पर व्यापक बदलाव को सरकार प्रतिबद्ध – रवि
मंत्री ने कहा कि कर्मयोगी अधिकारियों के सहयोग से पंचायत स्तर पर व्यापक बदलाव लाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि स्थानीय शासन प्रणाली मजबूत होगी तो विकास योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंचेगा।
इस अवसर पर कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन के सदस्य (एचआर) डॉ आर बालासुब्रमण्यम ने ‘मिशन कर्मयोगी’ की अवधारणा और सरकारी क्षेत्र में क्षमता निर्माण के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शासन प्रणाली को ‘नियम आधारित’ से ‘भूमिका आधारित’ प्रणाली की ओर परिवर्तित करने की आवश्यकता है, ताकि नागरिकों को अधिक प्रभावी और त्वरित सेवाएं प्रदान की जा सकें।
कौशल विकास और डिजिटल प्रशिक्षण बेहद जरूरी
उन्होंने यह भी कहा कि नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए प्रशासनिक ढांचे में कौशल विकास और डिजिटल प्रशिक्षण को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम में भारत सरकार के पंचायतीराज मंत्रालय के संयुक्त सचिव राजेश कुमार सिंह, पंचायतीराज एवं पेयजल विभाग के आयुक्त-सह-सचिव गिरिश एसएन, एसआईआरडी की निदेशक मधुस्मिता सामल सहित पंचायतीराज विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और अपने विचार साझा किए।
कार्यशाला में ‘विकसित पंचायत कर्मयोगी’ अभियान पर विशेष रूप से चर्चा की गई। इस पहल का उद्देश्य पंचायत स्तर पर कार्यरत अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को आधुनिक तकनीक और डिजिटल माध्यमों के जरिए प्रशिक्षित करना है, ताकि वे ग्रामीण विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू कर सकें।
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