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एफटीएस वंदन कार्यक्रम में छलका श्रद्धा और कृतज्ञता का भाव
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22 परिवारों की सहभागिता, कार्यकर्ताओं सहित 200 लोग हुए शामिल
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माता-पिता की आरती कर व्यक्त की कृतज्ञता
भुवनेश्वर। माता-पिता के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और समर्पण की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एफटीएस भुवनेश्वर टीम की ओर से सोमवार की संध्या को पहली बार वंदन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें 22 परिवारों ने सहभागिता की, जबकि कार्यकर्ताओं सहित करीब 200 लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने पारिवारिक संस्कारों, आपसी प्रेम और माता-पिता के प्रति सम्मान के महत्व को रेखांकित किया।
इस अवसर पर संदेश दिया गया कि यदि माता-पिता को भगवान के समान मानकर उनका सम्मान किया जाए, तो घर प्रेम, शांति और खुशियों से परिपूर्ण स्वर्ग बन सकता है।
निर्मल नागदा के संचालन और भजनों ने बांधा समां
कार्यक्रम का संचालन सूरत से आए श्री निर्मल नागदा ने किया। उन्होंने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से परिवार में माता-पिता की भूमिका, पारिवारिक संवाद और रिश्तों को मजबूत बनाने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि परिवार में प्रेम और विश्वास बनाए रखने के लिए प्रत्येक सदस्य की भावनाओं को समझना तथा एक-दूसरे के प्रति संवेदनशील रहना आवश्यक है।
वहीं, रायगढ़ से आए भजन गायक संजय अग्रवाल ने मधुर भजनों की प्रस्तुति से वातावरण को भक्तिमय और भावनात्मक बना दिया। उनकी प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया और कार्यक्रम के आध्यात्मिक संदेश को प्रभावी रूप से सामने रखा।
परिवार में प्रेम और सम्मान बढ़ाने के बताए सात सूत्र
कार्यक्रम में परिवार के भीतर माता-पिता के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त करने के सात सरल सूत्र प्रस्तुत किए गए। इनमें परिवार के प्रत्येक सदस्य को स्वीकार करना, मुस्कान के साथ रिश्तों में मिठास लाना, खुलकर संवाद करना, माता-पिता की भावनाओं और आवश्यकताओं की परवाह करना तथा एक-दूसरे को सहयोग देना शामिल रहा।
इसके साथ ही मन में बातें रखने के बजाय सवाल पूछने, अपनी भावनाएं साझा करने और पारिवारिक परिस्थितियों को प्रेम, समझदारी तथा सकारात्मक दृष्टिकोण से संभालने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने संदेश दिया कि छोटे-छोटे व्यवहार और नियमित संवाद परिवार में भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत बना सकते हैं।
माता-पिता की आरती कर व्यक्त की कृतज्ञता
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण माता-पिता की आरती और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की गतिविधि रही। इसके माध्यम से संदेश दिया गया कि जिस श्रद्धा और सम्मान के साथ भगवान की आरती की जाती है, उसी प्रकार माता-पिता को भी जीवन में आदर और सम्मान दिया जाना चाहिए। माता-पिता के त्याग, स्नेह और योगदान को याद करते हुए उनके प्रति आभार प्रकट करने की प्रेरणा दी गई।
प्रतिभागियों ने कार्यक्रम के अनुभव को शानदार और अविस्मरणीय बताया। उन्होंने ऐसे आयोजनों को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि नई पीढ़ी में अच्छे संस्कार विकसित हों और परिवारों के बीच प्रेम, विश्वास तथा भावनात्मक संबंध और मजबूत बनें।
एफटीएस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का रहा महत्वपूर्ण योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में एफटीएस अध्यक्ष प्रकाश भूरा, सचिव सुरेश अग्रवाल, युवा अध्यक्ष श्रीराम अग्रवाल, महिला समिति अध्यक्ष श्वेता अग्रवाल तथा संयोजक नेहा बथवाल और ममता अग्रवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। भुवनेश्वर एफटीएस टीम के कार्यकर्ताओं ने भी आयोजन को सफल बनाने में सहयोग दिया।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि माता-पिता का सम्मान केवल किसी विशेष दिन या आयोजन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह जीवनभर निभाया जाने वाला संस्कार है। माता-पिता के प्रति प्रेम, आदर और कृतज्ञता का भाव परिवार को मजबूत बनाने के साथ समाज में भी संवेदनशीलता और संस्कारों को बढ़ावा देता है।
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