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गरज-चमक और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी
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दक्षिणी इलाकों में बारिश के आसार
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30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
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तटीय जिलों में भी बारिश की संभावना
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पिपिलि में सर्वाधिक 50 मिलीमीटर वर्षा दर्ज
भुवनेश्वर। ओडिशा में मौसम का मिजाज फिर बदलने लगा है। राज्य के दक्षिणी और तटीय क्षेत्रों में छिटपुट बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए आठ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चल सकती हैं। मानसून के बाद मौसम में हो रहे बदलाव के बीच राज्य के कई हिस्सों में स्थानीय स्तर पर वर्षा और वायुमंडलीय गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।
मौसम संबंधी चेतावनी के अनुसार, मालकानगिरि, कोरापुट, रायगड़ा, गजपति, गंजाम, पुरी, खुर्दा और नयागढ़ जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका है। इन क्षेत्रों में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और बिजली कड़कने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
इसके अलावा कटक, जगतसिंहपुर, केंद्रापड़ा, बालेश्वर और मयूरभंज जिलों में भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं, पश्चिमी ओडिशा के नुआपड़ा, बलांगीर, बरगढ़ और सोनपुर में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
परलाखेमुंडी और मालकानगिरि में सबसे अधिक तापमान
राज्य में तापमान में भी अंतर दर्ज किया गया है। परलाखेमुंडी और मालकानगिरि में अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दूसरी ओर, नवरंगपुर में न्यूनतम तापमान गिरकर 19.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
राजधानी भुवनेश्वर में अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहर में 0.7 मिलीमीटर वर्षा भी रिकॉर्ड की गई। तापमान और वर्षा के इन आंकड़ों से राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौसम की अलग-अलग परिस्थितियां सामने आई हैं।
तटीय क्षेत्रों में सक्रिय मौसम प्रणाली
पिछले 24 घंटों के दौरान तटीय ओडिशा के कुछ इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। पुरी जिले के पिपिलि में सर्वाधिक 50.0 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। नयागढ़ में 42.0 मिलीमीटर, जबकि खोर्धा जिले के बाणपुर और बोलगढ़ में 35.0-35.0 मिलीमीटर बारिश हुई।
तटीय क्षेत्रों में दर्ज हुई वर्षा के बीच दक्षिणी जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है। मौसम की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों का पालन करने तथा आकाशीय बिजली के दौरान पेड़ों के नीचे या खुले मैदान में खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है।
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