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कहा- विश्वविद्यालय की स्वायत्तता व शैक्षणिक परिवेश को समाप्त करने की कर रही है कोशिश
भुवनेश्वर. राज्य सरकार विश्वविद्यालय कानून संशोधन के नाम पर विश्वविद्यालय की स्वायत्तता व शैक्षणिक परिवेश को समाप्त करने कोशिश कर रही है. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इसकी निंदा करती है तथा इसे वापस लेने की मांग करती है. इसका परिषद पुरजोर विरोध करेगी. विद्यार्थी परिषद के प्रदेश मंत्री शशिकांत मिश्र ने एक संवाददाता सम्मेलन में ये बातें कहीं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों को स्वायत्तता देने की जहां बात कर रही है, वहीं राज्य सरकार इसके उलट कार्य कर रही है. विश्वविद्यालय के कुलपतियों के अधिकारों को संकुचित करने व उन्हें पंगु बनाने की राज्य सरकार साजिश कर रही है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों के अध्यापकों की नियुक्ति विश्वविद्यालय द्वारा न कर ओपीएससी के जरिये किये जाने के निर्णय का भी परिषद विरोध करती है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में सिनेट के जरिये छात्रों के साथ सहभागिता होती है. सिनेट के चुनाव को सही रुप से परिचालन करने के बजाय सिनेट की भूमिका को समाप्त करने के निर्णय का भी परिषद विरोध करती है. इनके खिलाफ परिषद आंदोलन करने के साथ साथ कानूनी कदम भी उठायेगी. इस पत्रकार सम्मेलन में मिश्र के अलावा प्रदेश सह सचिव बुद्धदेव बाघ, सुधांशु साहू, संबित राउत व महानगर छात्रा प्रमुख शुभस्मिता दाश उपस्थित थे.
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