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अमृत 2.0 में ओडिशा देश का अग्रणी राज्य बना

  •    शहरी जल आपूर्ति, जलाशय जीर्णोद्धार और बुनियादी ढांचे में उल्लेखनीय उपलब्धियां

भुवनेश्वर। अमृत 2.0 (अटल मिशन फॉर रेजुवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन) के क्रियान्वयन में ओडिशा ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित की है। शहरी विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ राज्य देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।

अक्टूबर 2021 में शुरू हुआ और मार्च 2027 तक विस्तारित अमृत 2.0 का उद्देश्य सभी शहरी क्षेत्रों में सार्वभौमिक जलापूर्ति, जलाशयों का जीर्णोद्धार और बेहतर शहरी अवसंरचना सुनिश्चित करना है। ओडिशा में इस मिशन के तहत 89 नगरीय निकायों में 4030.18 करोड़ रुपये की लागत से 345 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनमें जलापूर्ति और जलाशय जीर्णोद्धार दोनों शामिल हैं।

अब तक 99 परियोजनाएं पूरी

राज्य ने मिशन के तहत उल्लेखनीय प्रगति की है। अब तक 99 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि शेष परियोजनाओं का कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है। उपलब्ध निधियों का लगभग पूर्ण उपयोग राज्य की मजबूत वित्तीय योजना और प्रभावी प्रोजेक्ट प्रबंधन को दर्शाता है।

सात जल शोधन संयंत्रों का संचालन शुरू

अमृत 2.0 के तहत शहरी जल अवसंरचना को सुदृढ़ करने में ओडिशा ने बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। 43 एमएलडी क्षमता वाले सात जल शोधन संयंत्रों का संचालन शुरू हो चुका है, जिससे 2.83 लाख नागरिक लाभान्वित हुए हैं। कई प्रमुख शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे सातों दिन जलापूर्ति प्रणाली लागू की गई है और 2.7 लाख से अधिक घरों को जल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। कुल मिलाकर 5 लाख से अधिक शहरी आबादी सीधे इन पहलों से लाभान्वित हुई है।

ओडिशा की प्रतिबद्धता को दर्शाता है रैंक – महापात्र

आवास एवं शहरी विकास मंत्री डॉ कृष्ण चंद्र महापात्र ने कहा कि अमृत 2.0 में शीर्ष रैंक हासिल करना ओडिशा की यह प्रतिबद्धता दर्शाता है कि हर घर तक सुरक्षित जल पहुंचे और हर शहर में आधुनिक व टिकाऊ व्यवस्था हो। सभी नागरिकों को बेहतर सेवाएं और मजबूत शहरी ढांचा उपलब्ध कराना हमारा लक्ष्य स्पष्ट है, ताकि हम ‘विकसित ओडिशा’ के लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ सकें।

जलाशय जीर्णोद्धार और पौधरोपण को बढ़ावा

राज्य ने केंद्र सरकार के पेयजल सर्वेक्षण और जय हो अमृत जैसी पहलों का भी प्रभावी रूप से उपयोग किया है, जिससे जल प्रबंधन और पुन: उपयोग से जुड़े कई प्रोजेक्ट आगे बढ़े हैं। समुदाय-आधारित अमृत मित्र और वीमेन फॉर ट्री कार्यक्रमों के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा जलाशय जीर्णोद्धार और पौधरोपण को बढ़ावा दिया गया है।

छोटे नगरीय निकायों पर फोकस

साथ ही, क्रेडिट एन्हांसमेंट इनिशिएटिव के तहत नवाचारपूर्ण वित्तीय तंत्र का उपयोग करते हुए छोटे नगरीय निकायों को भी अवसंरचना परियोजनाओं के संचालन और सेवा विस्तार में सक्षम बनाया गया है।

ओडिशा का यह प्रदर्शन बताता है कि राज्य शहरी विकास, जल प्रबंधन और भविष्य के लिए तैयार शहरों के निर्माण में लगातार नई मिसाल कायम कर रहा है।

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