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राज्य की पहचान और गौरव को मजबूत करने का आह्वान
भुवनेश्वर। 1 अप्रैल को प्रतिवर्ष मनाए जाने वाले उत्कल दिवस के अवसर पर राज्यपाल हरि बाबू कंभमपाटी ने राज्यवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उन नेताओं का स्मरण किया, जिनकी दूरदर्शिता और प्रयासों से अलग ओडिशा राज्य का निर्माण संभव हुआ।
राज्यपाल ने सोशल मीडिया पोस्ट में ओडिशा की भाषा, साहित्य और संस्कृति में इन नेताओं के योगदान को रेखांकित किया और सभी से राज्य की पहचान और गौरव को मजबूत करने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने लिखा कि राज्य के सभी प्रिय भाई-बहनों को ओडिशा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। मैं उन महान आत्माओं को अपना गहरा सम्मान और श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने अलग ओडिशा के निर्माण में अतुलनीय योगदान दिया, जिससे हमारी भाषा, साहित्य और संस्कृति को मान्यता और सम्मान मिला। आइए हम सब मिलकर ओडिशा की पहचान और गौरव को और सशक्त बनाने का संकल्प लें।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भी राज्यवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भाषा के आधार पर बने पहले राज्य के रूप में ओडिशा ने विश्व मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। इस अवसर पर मैं उन महान पुत्रों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिनकी कुर्बानी और दूरदर्शिता ने अलग ओडिशा को संभव बनाया।
मुख्यमंत्री ने ओड़िया पहचान और संस्कृति की सुरक्षा के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि हम हर ओड़िया के सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए निरंतर कार्यरत हैं। हमारा एकमात्र लक्ष्य ओडिशा को राष्ट्र का अग्रणी राज्य बनाना है। इस पावन दिन पर, आइए हम सभी मिलकर ‘समृद्ध ओडिशा’ बनाने का दृढ़ संकल्प लें।
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