-
बजट सत्र निर्धारित समय से पांच दिन पहले समाप्त
-
पूरे सत्र के दौरान सदन में बार-बार हंगामा देखने को मिला
भुवनेश्वर। ओडिशा विधानसभा का बजट सत्र मंगलवार देर रात निर्धारित समय से पहले समाप्त हो गया। यह सत्र 8 अप्रैल तक चलने वाला था, लेकिन पांच कार्यदिवस शेष रहते ही इसे स्थगित कर दिया गया। सत्र की शुरुआत 17 फरवरी से हुई थी और दो चरणों में कुल 22 दिनों तक कार्यवाही चली।
20 फरवरी को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया था। सत्र के अंतिम दिन विनियोग विधेयक (व्यय मंजूरी बिल) पर चर्चा के बाद उसे पारित कर दिया गया।
हालांकि, पूरे सत्र के दौरान सदन में बार-बार हंगामा देखने को मिला। पहले चरण में किसानों के मंडियों में अव्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष ने विरोध प्रदर्शन कर कई दिनों तक सदन की कार्यवाही बाधित की। वहीं दूसरे चरण में एससीबी अग्निकांड मामले को लेकर स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष ने लगातार नौ दिनों तक विरोध जारी रखा, जिससे सदन की कार्यवाही सामान्य नहीं हो सकी।
ओडिशा सरकारी विश्वविद्यालय (शिक्षक कैडर में आरक्षण) विधेयक” पारित
सत्र अंतिम दिन मंगलवार को लगभग चार घंटे की चर्चा के बाद “ओडिशा सरकारी विश्वविद्यालय (शिक्षक कैडर में आरक्षण) विधेयक” पारित किया गया।
मुख्यमंत्री ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया
सत्र के समापन पर मुख्यमंत्री ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। विपक्ष की ओर से प्रमुख सचेतक प्रमिला मलिक और कांग्रेस विधायक अशोक दास ने भी अपने-अपने दलों की ओर से धन्यवाद ज्ञापित किया।
रात 12.41 बजे कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
अंत में, रात 12 बजकर 41 मिनट पर अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
