-
राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
-
गंजाम, कोरापुट और नवरंगपुर में बारिश-बाढ़ से हुए नुकसान का लिया जायजा
-
प्रभावितों से मिले मुख्यमंत्री
भुवनेश्वर। ओडिशा के दक्षिणी जिलों में लगातार भारी बारिश और नदियों के उफान से उत्पन्न बाढ़ की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने गंजाम, कोरापुट और नवरंगपुर जिलों में बाढ़ से हुए नुकसान, कृषि भूमि की स्थिति और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री के साथ राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी तथा विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) राजेश प्रभाकर पाटिल भी मौजूद रहे।
भुवनेश्वर से रवाना हुए मुख्यमंत्री और उनके साथ गए अधिकारियों ने हेलीकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान खेतों में जलभराव, फसलों को हुए नुकसान, क्षतिग्रस्त संरचनाओं और प्रभावित बस्तियों की स्थिति का जायजा लिया गया। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने और प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाने के निर्देश दिए।
कोरापुट में राहत शिविर पहुंचे मुख्यमंत्री, प्रभावितों से किया संवाद
हवाई सर्वेक्षण के बाद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी कोरापुट जिले पहुंचे, जहां उन्होंने वरिष्ठ जिला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने चंदिली पंचायत के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और चंदिली हाईस्कूल में बनाए गए राहत शिविर में पहुंचकर विस्थापित लोगों से बातचीत की।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों की समस्याएं सुनीं और राहत शिविर में उपलब्ध कराए जा रहे पके हुए भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत सामग्री के वितरण, प्रभावित लोगों की जरूरतों और सहायता पहुंचाने में आ रही समस्याओं पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ से प्रभावित और संपर्क से कटे हुए गांवों तक सुरक्षित पेयजल, सूखा राशन और चिकित्सा सहायता समय पर पहुंचाई जाए। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी लगातार बनाए रखने पर जोर दिया।
कलिंग घाटी में भूस्खलन, बड़े-बड़े पत्थरों से आवागमन खतरनाक
मुख्यमंत्री के हवाई सर्वेक्षण में गंजाम और कंधमाल जिलों को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण पहाड़ी मार्ग कलिंग घाटी की स्थिति की समीक्षा भी शामिल रही। लगातार हो रहे भूस्खलन और सड़क पर बड़े-बड़े चट्टानी पत्थर गिरने के कारण इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन बेहद खतरनाक हो गया है।
कलिंग घाटी मार्ग अनिश्चितकाल के लिए बंद
जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कलिंग घाटी मार्ग को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। मुख्यमंत्री ने प्रभावित मार्ग और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति पर निगरानी रखने तथा लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
युद्धस्तर पर जारी राहत एवं बचाव कार्य
मुख्यमंत्री के निर्देश पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री का वितरण, बचाव अभियान, पेयजल आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाएं युद्धस्तर पर जारी हैं। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने तथा चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन को विशेष रूप से उन गांवों और बस्तियों पर ध्यान देने को कहा गया है, जहां बाढ़ और भारी बारिश के कारण संपर्क व्यवस्था प्रभावित हुई है। सरकार की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर सहायता उपलब्ध कराना, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखना और बाढ़ से उत्पन्न कठिनाइयों को जल्द से जल्द कम करना है।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
