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देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल
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सख्त पाबंदियां लागू, ग्रैप स्टेज-2 के तहत 7 दिन के लिए प्रतिबंध
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धूल-धुएं पर लगेगा ब्रेक
अनुगूल। ओडिशा के प्रमुख कोयला व औद्योगिक क्षेत्र तालचेर में हाल के दिनों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 350 से 400 के पार दर्ज किया गया है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 की शुरुआत में ही तालचेर देश के सबसे प्रदूषित कस्बों में गिना जाने लगा है, जिससे आम जनजीवन पर गंभीर असर पड़ रहा है।
लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। शनिवार को ग्रैप (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) स्टेज-2 के तहत तालचेर नगरपालिका क्षेत्र में सख्त प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं।
धारा 163 के तहत आदेश, प्रशासन सख्त
अनुगूल जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि तालचेर में हवा की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है, जिसे नियंत्रित करने के लिए तत्काल कठोर कदम जरूरी हैं।
क्या-क्या रहेगी पाबंदी
· शाम 6 बजे से सुबह 10 बजे तक सभी निर्माण कार्यों पर रोक
· नगरपालिका सीमा में तोड़फोड़ और मिट्टी कार्य पूरी तरह प्रतिबंधित
· सड़कों पर धूल नियंत्रण के लिए नगरपालिका, एनएचएआई और एमसीएल दिन में कम से कम तीन बार पानी का छिड़काव करेंगे
· भारी ट्रकों के शहर में प्रवेश पर रोक
· कचरा, कोयला या किसी भी प्रकार की खुली आग जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध
· दिन के समय कोयला और राख ले जाने वाले ट्रकों की आवाजाही सीमित
· एनएच-149 पर केवल ढंके हुए ट्रकों को अनुमति
· निर्माण स्थलों पर पानी छिड़काव सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी एनएचएआई और एनएच डिवीजन, पाललाहाड़ा की होगी
7 दिन तक रहेगी सख्त निगरानी
यह आदेश 7 दिनों तक प्रभावी रहेगा और धारा 163(2) के तहत लागू किया गया है। पुलिस, आरटीओ समेत सभी संबंधित विभागों को कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं तालचेर के उप-जिलाधिकारी को रोजाना निगरानी कर दैनिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं होगा। नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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