अशोक पाण्डेय, भुवनेश्वर
नये कारोबार के सिलसिले में 2005 में महेशखुण्ट, जिला खगड़िया, बिहार से भुवनेश्वर आनेवाले आध्यात्मिक पुरुष हरिशंकर केजरीवाल का उनके भुवनेश्वर स्थित निवास पर सिंधुपूर्ण इन्क्लेव,प्लाट नं.862, मधुसूदननगर में 21 अगस्त को रात्रि 11.36 बजे निधन हो गया. वे पिछले लगभग 6 महीनों से अस्वस्थ थे. अगस्त,1942 में जन्मे हरिशंकर केजरीवाल का अंतिम संस्कार पुरी स्वर्गद्वार में 22अगस्त को सनातनी परम्परा के अनुसार उनके बेटों तथा उनके सगे-संबंधियों आदि की उपस्थिति में सम्पन्न हो गया. उनकी पत्नी गीता देवी का निधन बहुत पहले हो चुका था. उनके तीन पुत्र श्री राजेश केजरीवाल, श्री संजय केजरीवाल एवं श्री अजय केजरीवाल जो अपना अलग-अलग कोरोबार भुवनेश्वर में करते हैं तथा सामाजिक जीवन जीते हैं. स्वर्गीय हरिशंकर केजरीवाल की तीनों बेटियों –अलका अग्रवाल, सुधा भुवानिया तथा उमा पनसारी का विवाह हो चुका है जो आनन्दमय तथा सुखी गृहस्थ जीवन जी रहीं हैं. स्वर्गीय हरिशंकर केजरीवाल को अपने सभी बेटों के कारोबार का मार्गदर्शन करना बहुत अच्छा लगता था. गो-सेवा और आध्यात्मिक प्रवचन से उनका घनिष्ठ लगाव था. उनके निधन पर मारवाड़ी सोसाइटी, भुवनेश्वर के अध्यक्ष संजय लाठ ने शोक व्यक्त करते हुए उनके प्रति अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी है. स्वर्गीय हरिशंकर केजरीवाल के सगे-संबंधियों में उद्योगपति सुरेन्द्र कुमार डालमिया ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए यह बताया कि स्वर्गीय हरिशंकर केजरीवाल एक संवेदनशील पिता, अभिभावक, समाजसेवी तथा धार्मिक पुरुष थे. वे आजीवन पारिवारिक एकता को बचाये रखने का संदेश दिये. भुवनेश्वर मारवाड़ी सोसाइटी, भुवनेश्वर मारवाड़ी युवा मंच, भुवनेश्वर उत्कल प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन, भुवनेश्वर तेरापंथ समाज, भुवनेश्वर माहेश्वरी समाज, भुवनेश्वर मारवाड़ी महिला समिति तथा परशुराम मित्रमण्डल आदि मारवाड़ी संस्थाओं ने स्वर्गीय हरिशंकर केजरीवाल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है.