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तीन दिवसीय प्रतिभा संगम का उद्घाटन

  • भारतीय कला व संस्कृति के उत्थान के लिए विद्यार्थियों की भूमिका महत्वपूर्ण – निधि त्रिपाठी

भुवनेश्वर । भारतीय कला व संस्कृति के उत्थान के लिए विद्यार्थियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। भुवनेश्वर के निलाद्री बिहार सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में राष्ट्रीय कला मंच द्वारा तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिभा संगम कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि विभिन्न कैंपसों में से कलाकार छात्र- छात्राओं को मंच प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय कला मंच हर दो साल में इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन करता है। इस प्रतिभा संगम कार्यक्रम में राज्य व देश के विभिन्न कैंपसों से एक हजार से अधिक छात्र- छात्राएं भाग ले रही हैं। भारतीय कला जैसे नृत्य, संगीत, अभिनय, चित्रकला, स्वरचित कविता गायन, रंगोली आदि में रुचि रखने वाले छात्र छात्राओं के लिए अपना प्रतिभा प्रदर्शन करने का यह एक बड़ा माध्यम है। प्रतिभा संगम कार्यक्रम केवल विद्यार्थियों में प्रतियोगिता ही आयोजित नहीं करता, बल्कि उन्हें वरिष्ठ व नामचीन कलाकारों के माध्यम से प्रशिक्षण भी प्रदान करता है। उद्घाटन कार्यक्रम में पद्मविभूषण तथा राज्यसभा सांसत रघुनाथ महापात्र ने कहा कि भारत की महान संस्कृति को  आगे बढ़ाने की दिशा में विद्यार्थियों को आगे आना चाहिए। कार्यक्रम में राष्ट्रीय कला मंच के संयोजक तन्मय दास ने इस कार्यक्रम के बारे में विस्तार से अवगत किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रुप में राष्ट्रीय अभिनय विद्यालय बाराणसी के अध्यक्ष रामजी बाली, पूर्व सांसद तथा अभिनेता सिद्धांत महापात्र, ओडिशा चलचित्र निगम के अध्यक्ष सत्यव्रत त्रिपाठी, अभिनेत्री अनु चौधरी, अभिनेता बाबु शान मोहंती, व्यंग कवि ज्ञान होता उपस्थित थे। स्वागत समिति के अध्यक्ष अजीत दास ने स्वागत भाषण दिया।

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