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एसपीसीबी ओडिशा ने लॉन्च किया अत्याधुनिक मोबाइल ऐप
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रीयल-टाइम ट्रैकिंग से अवैध डंपिंग पर लगेगी लगाम
भुवनेश्वर। राज्य में फ्लाई ऐश के परिवहन की रीयल-टाइम निगरानी और पारदर्शी प्रबंधन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ओडिशा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एसपीसीबी) ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भुवनेश्वर के सहयोग से एक अभिनव मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया है। इस डिजिटल एप का औपचारिक अनावरण मुख्य सचिव-सह-अध्यक्ष, एसपीसीबी ने 31 दिसंबर को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सम्मेलन कक्ष में किया गया।
नए मुख्य सचिव के रूप में अनु गर्ग को कार्यभार सौंपने से पहले तथा अपने कार्यकाल के अंतिम दिन निवर्तमान मुख्य सचिव मनोज आहूजा ने इस एप्लिकेशन का शुभारंभ किया। यह एप पहले ही फील्ड में परीक्षण के दौर से गुजर चुका है और अब इसे तत्काल प्रभाव से चार बिजली संयंत्रों में लागू किया जा रहा है।
इन चार पावर प्लांट्स में होगी शुरुआत
पहले चरण में यह मोबाइल एप आदित्य एल्युमिनियम, लापंगा, जेएसडब्ल्यू भूषण लिमिटेड, थेलेकोलोई, वेदांता लिमिटेड, झारसुगुड़ा और ओडिशा पावर जेनरेशन कॉरपोरेशन (ओपीजीसी), बन्हारपाली में लागू किया जाएगा। आगे चलकर इसे राज्य के अन्य बिजली संयंत्रों तक विस्तारित करने की योजना है।
तीन-स्तरीय व्यवस्था पर आधारित है एप
यह एप एक तीन-स्तरीय संचालन प्रणाली पर कार्य करेगा, जिसमें बिजली संयंत्र, ट्रक चालक और क्षेत्रीय अधिकारी शामिल होंगे। इसकी प्रमुख तकनीकी विशेषताओं में जीपीएस आधारित रीयल-टाइम ट्रैकिंग, क्यूआर कोड सत्यापन, जियो-फेंस्ड रूट, सत्यापित ट्रिप क्लोजर और मार्ग से विचलन पर स्वतः अलर्ट शामिल हैं।
क्यूआर कोड स्कैन से शुरू होगी ट्रिप
फ्लाई ऐश ले जाने वाले ट्रक थर्मल पावर प्लांट से निकलते समय गेट पर दो सेट क्यूआर कोड स्कैन करेंगे। इससे प्रत्येक ट्रक और उसके गंतव्य की जानकारी ऑनलाइन दर्ज हो जाएगी। ट्रकों की आवाजाही जियो-फेंसिंग के दायरे में रहेगी, जिससे फ्लाई ऐश की अनधिकृत स्थानों पर डंपिंग रोकी जा सकेगी।
गंतव्य पर अपने आप होगा ट्रिप क्लोजर
निर्धारित जियो-फेंस्ड गंतव्य पर पहुंचते ही ट्रिप का समापन स्वतः हो जाएगा और खाली ट्रक की फोटो अपलोड करनी होगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि फ्लाई ऐश का निपटान निर्धारित स्थान पर ही हुआ है।
पर्यावरण संरक्षण में होगा बड़ा लाभ
यह मोबाइल एप फ्लाई ऐश की अवैध और अनियंत्रित डंपिंग से उत्पन्न गंभीर पर्यावरणीय खतरों को रोकने में अहम भूमिका निभाएगा। सभी ट्रिप्स का ऑनलाइन रिकॉर्ड रहेगा और फ्लाई ऐश अधिसूचना के प्रावधानों के अनुसार उनका प्रबंधन किया जाएगा।
रीयल-टाइम डैशबोर्ड से तुरंत कार्रवाई संभव
रीयल-टाइम डैशबोर्ड और स्वतः उत्पन्न होने वाले अलर्ट के माध्यम से एसपीसीबी को किसी भी तरह के पर्यावरणीय उल्लंघन पर तत्काल हस्तक्षेप करने में मदद मिलेगी। यह पहल राज्य में पर्यावरण संरक्षण और तकनीक आधारित निगरानी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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