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कुख्यात ठग रमेश माझी ओडिशा में गिरफ्तार
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परिवार ने किया आरोपों का खंडन
भुवनेश्वर। सोने के व्यापार के नाम पर 20 से ज्यादा व्यापारियों को ठगने का खुलासा हुआ है। कमिश्नर पुलिस की विशेष अपराध इकाई ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए इस आरोप में कुख्यात धोखेबाज रमेश माझी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, माझी ने अपने पीड़ितों को बैंकों से सोना और सोने के बिस्कुट गिरवी रखने का वादा किया था और उन्हें नीलामी में आकर्षक दामों पर सोना खरीदने का लालच दिया था। उसके दावों पर विश्वास करके कई व्यापारियों ने पिछले पांच सालों में करोड़ों रुपये का निवेश किया।
हालांकि, पैसे वसूलने के बाद माझी ने न तो वादा किया गया सोना दिया और न ही निवेश वापस किया। जब पीड़ितों ने अपने पैसे वापस मांगे, तो उसने कथित तौर पर धमकियां दीं, उन्हें झूठे जाति-आधारित मामलों में फंसाने की धमकी दी और यहां तक कि जान से मारने की धमकी देने के लिए स्थानीय गुंडों को भी काम पर रखा।
हालांकि मीडिया में दिए गए बयान में माझी के परिवार ने आरोपों को निराधार बताया है। पुलिस सूत्रों ने पुष्टि की है कि जांच जारी है। अधिकारी अब उन अन्य लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं जो इस रैकेट का शिकार हो सकते हैं।
अनुमानित धोखाधड़ी राशि 20 करोड़ रुपये से ज्यादा है, जो इसे इस क्षेत्र में हाल के वर्षों में हुए सबसे बड़े स्वर्ण निवेश घोटालों में से एक बनाती है।
एक पीड़ित ने आरोप लगाया कि उसने मुझसे संपर्क किया था और बताया था कि वह बैंकों में सोने की नीलामी में शामिल है। जब ग्राहक ईएमआई नहीं चुका पाते थे, तो वह नीलामी के दौरान सोना खरीद लेता था और बाद में उसे बेच देता था। हालांकि, बाद में उसने मुझे धमकाना शुरू कर दिया। उसके पिता अब भी मुझे धमका रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि उसका 20 करोड़ रुपये से ज़्यादा का लेन-देन है। सभी पीड़ित अब उसकी तलाश कर रहे हैं।
हालांकि, आरोपी के पिता ने मीडिया को दिए गए बयान में इन सभी आरोपों का खंडन करते हुए दावा किया कि उनका बेटा निर्दोष है। आरोपी के पिता ने कहा कि एक बिल्डर है, काला धन मेरे बेटे को दे देता था, क्योंकि वह उसे बैंक में नहीं रख सकता था। मेरा बेटा उसके अधीन काम करता था। उन्होंने मेरे हस्ताक्षर भी ज़बरदस्ती हासिल कर लिये हैं। मैं बस इतना कह सकता हूं कि मेरे बेटे को फंसाया गया है।