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ब्रिटिश जमाने के रूढ़िवादी मॉडल में बदलाव जरूरी, जेलों का होगा आधुनिकीकरण : अमित शाह

अहमदाबाद, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार आने के बाद वर्षों पुराने कई मॉडल बदल दिए गए हैं। ब्रिटिश काल की जेलों को भी नए मॉडल से बदल दिया गया है। जेलों का आधुनिकीकरण करने के साथ-साथ उनमें योग, ध्यान, पुस्तकालय, सुंदर परिवेश और बुनियादी अस्पताल सुविधाओं के साथ जेलों में उपयुक्त वातावरण सृजित करने पर अधिक बल दिया गया है।

केंद्रीय मंत्री शाह रविवार को सुबह चार स्मार्ट स्कूलों का शुभारंभ करने के बाद छठी ‘ऑल इंडिया प्रिजन ड्यूटी मीट’ का उद्घाटन करने के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे। पहले सत्र में गुजरात पुलिस जेल विभाग और पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो शामिल हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार आने के बाद वर्षों पुराने कई मॉडल बदल दिए गए हैं। ब्रिटिश काल की जेलों को भी नए मॉडल से बदल दिया गया है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि देश में जेलों को नकारात्मक माना जाता है, जबकि यहां पर क्विज, स्वच्छता, जेल, वॉलीबॉल, कंप्यूटर, कबड्डी, दौड़ और उच्च कुल सहित कई प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जेलों का आधुनिकीकरण करने के साथ-साथ योग, ध्यान, पुस्तकालय, सुंदर परिवेश और बुनियादी अस्पताल सुविधाओं के साथ उपयुक्त वातावरण सृजित करने पर अधिक बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी राज्य जल्द से जल्द नए सुधार मॉडल को अपनाएं जाए। नए जेल मॉडल में फांसी के सजायाफ्ता कैदियों के अधिकार के बारे में भी जानकारी दी गई है। उन्होंने हर जेल में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा स्थापित करने पर भी जोर दिया।

अखिल भारतीय जेल ड्यूटी मीट का आयोजन पहले तेलंगाना राज्य में 2016 में किया गया था। अब 2022 में यह बैठक अहमदाबाद में की जा रही है। इसमें आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले अधिकारियों और कर्मियों को ट्राफी और प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा।
साभार-हिस

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