ढाका। बांग्लादेश के मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नसीरुद्दीन ने कहा कि 13वां संसदीय चुनाव जोखिम भरा होगा। इसलिए वह चुनाव अधिकारियों से 100 फीसद निष्पक्ष होने की उम्मीद करते हैं। उन्होंने कहा कि आयोग का मूलमंत्र व्यावसायिकता और निष्पक्षता है।
ढाका ट्रिब्यून अखबार की खबर के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त ने 13वें संसदीय चुनाव के संबंध में अगरगांव स्थित निर्वाचन प्रशिक्षण संस्थान में मुख्य प्रशिक्षकों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 80 मुख्य प्रशिक्षक भाग ले रहे हैं। यह अधिकारी अगले साल होने वाले संसदीय चुनाव से पहले कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ने आगामी चुनाव में कानून-व्यवस्था की चुनौती के साथ-साथ सोशल मीडिया के दुरुपयोग, गलत सूचनाओं और दुष्प्रचार जैसी नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहने को कहा।
इस अवसर पर चुनाव आयोग के अध्यक्ष अब्दुर रहमानेल मसूद ने अधिकारियों से संविधान और चुनावी कानूनों का पालन करते हुए कर्तव्य निभाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, “इस बार निष्पक्ष चुनाव कराने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।” चुनाव आयुक्त मोहम्मद अनवारुल इस्लाम सरकार ने भी चुनाव अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगला आम चुनाव पिछले किसी भी चुनाव की तुलना में सबसे जोखिम भरा होगा। उन्होंने कहा कि पीठासीन अधिकारी चुनाव के केंद्र बिंदु में होंगे।
उन्होंने कहा कि चुनाव के लिए लगभग 50 हजार पीठासीन अधिकारियों की आवश्यकता होगी। चुनाव आयुक्त ब्रिगेडियर जनरल (सेवानिवृत्त) अब्दुल फजल मोहम्मद सनाउल्लाह ने कहा कि चुनाव आयोग पहली बार आगामी राष्ट्रीय चुनाव में प्रवासी बांग्लादेशियों के मताधिकार को सुनिश्चित करने जा रहा है।
साभार – हिस