भुवनेश्वर. ओडिशा में कोरोना रोगियों की बढ़ती संख्या को लेकर स्वास्थ्य विभाग पहले से ही तैयार हो गया है. अन्य राज्यों की तरह ऑक्सीजन आपूर्ति की समस्या न हो, इसके लिए उनसे रणनीति भी बना ली है. ओडिशा के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने समर्पित कोविद अस्पताल, कोविद केयर सेंटर और अन्य में, जहां राज्य में कोरोना के मरीज भर्ती हैं, के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर की मांग को पूरा करने के लिए तौर-तरीके तय किया है.इसके तहत अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य और परिवार कल्याण पीके महापात्र ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों एक पत्र लिखा है. इसमें कहा गया है कि जिलों के ड्रग इंस्पेक्टरों को खाली सिलिंडर को निर्धारित समय पर उपलब्ध कराना होगा, ताकि उसकी रिफिलिंग समय पर सुनिश्चित की जा सके. साथ ही उन्होंने कहा कि वाहनों का किराया शुल्क सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया कोष या किसी अन्य उपयुक्त प्रमुख से प्राप्त किया जा सकता है, जिससे परिवहन सुचारू रूप से किए जा सकें.इधर, आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि ओडिशा में रोगियों के लिए 23.78 टन मेडिकल ऑक्सीजन की दैनिक आवश्यकता है. इस आवश्यकता की जगह राज्य में सिलिंडर ऑक्सीजन का दैनिक उत्पादन 129.68 टन है. इसके अलावा तरल चिकित्सा ऑक्सीजन (एलएमओ) का दैनिक उत्पादन 60 टन है.उन्होंने कहा कि 10 मई तक ब्रह्मपुर में एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक एलएमओ प्लांट चालू किया जाएगा. बुर्ला में वीर सुरेंद्र साईं इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च (विमसार) सहित 15 कोविद अस्पतालों में एलएमओ प्लांट स्थापित करने की योजना है.महापात्र ने ओडिशा के कुछ रोगियों को ऑक्सीजन की कमी का सामना करने के आरोप को भी खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि राज्य अपनी जरूरत पूरी करने के बाद अन्य जरूरतमंद राज्यों को ऑक्सीजन की आपूर्ति कर रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य की आवश्यकता को अनदेखा करके दूसरों को ऑक्सीजन देने का कोई सवाल ही नहीं है.
उल्लेखनीय है कि भाजपा के राज्य महासचिव पृथ्वीराज हरिचंदन ने आरोप लगाया था कि एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, ब्रह्मपुर में ऑक्सीजन स्टॉक समाप्त हो गया है और शुक्रवार रात ऑक्सीजन की कमी के कारण मरीजों की मौत हो गई. इसके बाद गंजाम जिले के जिलाधिकारी विजय अमृत कुलांगे ने पीपीटीकीट पहनकर खुद अस्पताल में जायजा लेने पहुंच गये और कोविद वार्ड में भर्ती लोगों से व्यवस्थाओं का हाल जाना और फिर ट्विट कर कहा कि जिले के किसी भी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी और रोगी की मौत की खबर अफवाह है. उन्होंने कहा कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी का आरोप सही नहीं है. हमारे पास पर्याप्त ऑक्सीजन की आपूर्ति है और आपूर्ति श्रृंखला की वास्तविक समय में निगरानी की जाती है.
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
