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राष्ट्रीय कवि संगम, खुर्दा का कवि सम्मेलन आयोजित

  • 30 कवि एवं कवयित्रियों ने बांधी समां

  • कवि विक्रमादित्य सिंह किये गये सम्मानित

भुवनेश्वर। राष्ट्रीय कवि संगम की ओडिशा प्रांतीय इकाई की खुर्दा जिला की ओर से कवि सम्मेलन का सफल आयोजन भुवनेश्वर के बुद्धा मंदिर, यूनिट 9 में हुआ। यह कवि सम्मेलन राष्ट्रीय कवि संगम के संस्थापक अध्यक्ष जगदीश मित्तल के 75वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉक्टर नारायण चंद्र सेनापति ने किया। कार्यक्रम के आयोजन का दायित्व राष्ट्रीय कवि संगठन की ओड़िया भाषा की वरिष्ठ कवियत्री श्रीमती पुष्पलता मिश्रा,  समाजसेविका श्रीमती मंजुला त्रिपाठी एवं ओड़िया भाषी भाई-बहनों के द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में विक्रमादित्य सिंह, अध्यक्ष राष्ट्रीय कवि संगम, खुर्दा जिला को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि विक्रमादित्य सिंह ने अपने भाषण में कहा कि राष्ट्रीय कवि संगम का मूल उद्देश्य “राष्ट्र सर्वोपरि” की पावन भावना को जन-जन तक पहुंचाना है एवं राष्ट्र जागरण धर्म हमारा के सिद्धांत को अंगीकार करना है। वही मुख्य वक्ता के रूप में आशीष विद्यार्थी महामंत्री खुर्दा जिला ने राष्ट्रीय कवि संगम संगठन पर ब्योरेवार प्रकाश डाला। राष्ट्रीय कवि संगम, खुर्दा जिला की संयोजिका श्रीमती रितु महिपाल ने राष्ट्रीय कवि संगम के संस्थापक अध्यक्ष जगदीश मित्तल के जन्मदिन पर एक बहुत ही सुन्दर कविता “बाबूजी” का पठन किया। कवि सम्मेलन का संचालन कवयित्री जयश्री पटनायक एवं कवयित्री श्रीमती संयुक्ता परिड़ा ने किया।

कवि सम्मेलन में हिंदी एवं ओड़िया भाषी के लगभग 30 कवि एवं कवयित्रियों ने कविता पाठ किया। कविता के माध्यम से राष्ट्रीय कवि संगम के अध्यक्ष की जीवनी पर प्रकाश डाला गया। भारत माता, वंदे उत्कल जननी, ओड़िया अस्मिता एवं सम-सामयिक विषयों पर कविता पाठ ने पूरा समा बांध दिया। बाल कवियत्री के रूप में सुश्री इतिश्री सतपथी ने अतिसुंदर कविता पाठ किया। वहीं दिब्या मिश्रा ने संबलपुरी नृत्य का मनमोहक दृश्य प्रस्तुत किया। श्रीमती एलिजा जेना द्वारा कविता के माध्यम से मां दुर्गा का सहस्त्रनाम का पाठ किया गया।  अंत में धन्यवाद ज्ञापन श्रीमती सरोजनी मिश्रा जी ने दिया।

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