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नागरिक संशोधन विधेयक के प्रति जागरूकता के लिए रैली

  • बड़बिल में तिरंगे के साथ सड़क पर निकले हजारों की संख्या में लोग

  • मुरली शर्मा कांग्रेस पर बरसे, लोगोंं को बहकाने का लगाया आरोप


बड़बिल – नागरिकता संशोधन कानून के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए बड़बिल में एक विशाल रैली निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में लोग तिरंगे के साथ शामिल हुए। इस रैली का नेतृत्व डॉ मुरली शर्मा कर रहे थे।  केन्दुझर जिले के बड़बिल शहर में बड़बिल नागरिक मंच की तरफ से यह विशाल रैली निकाली गई। इस दौरान रैली में शामिल लोग कह रहे थे कि नागरिक संशोधन बिल का हम समर्थन करते हैं। लोगों के हाथ में सीएए को हमारा समर्थन जैसे नारों से लिखे प्लेकार्ड व बैनर थे।बड़बिल नागरिक मंच तथा भाजपा के वरिष्ठ सदस्य डा.मुरली मनोहर शर्मा के नेतृत्व में निकाली गई इस रैली के जरिए शहर में सीएए एव एनआरसी के संदर्भ में विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर डा शर्मा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इससे पहले कई जगहों पर सीएए के विरोध में रैली निकालकर लोगों को गलत तथ्य दिया जा रहा है। कोई कह रहा है कि राहुल गांधी की एसपीजी सुरक्षा हटा दी गई, कोई कह रहा है कि हमें देश से बाहर कर दिया जाएगा और इसे लेकर वे विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में लोगों को बताना जरूरी था कि कानून क्या है और उन्हें किस प्रकार से भ्रमित किया गया है। डा शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर रहने वाले लोग देश की जनता को भ्रमित कर रहे हैं, एनआरसी के संदर्भ में टेलीविजन पर आकर गलत संदेश दे रहे हैं। एनआरसी के संदर्भ में कैबिनेट में चर्चा नहीं हुई है, एनआरसी को ड्राफ्ट नहीं हुआ है, कानून बनना तो दूर की बात है। ऐसे कुछ लोग देश की जनता को भ्रमित कर रहे हैं। बड़बिल एक शांतिप्रिय जगह है, ऐसे में यहां आकर कुछ लोग लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे लोगों को समझाने के लिए तथा उनके बीच जागरूकता फैलाने के लिए यह रैली निकाली गई है।


डा शर्मा ने कहा कि भारत में सीएए की आवश्यकता क्यों पड़ी, इसे आम जनता को समझना होगा। बांग्लादेश एवं पाकिस्तान में किस कदर अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित किया जा रहा है, उसे लोगों का जानना होगा। इन देशों में हिंदू, बौद्ध, क्रिश्चियन, सिख संप्रदाय के लोगों के बहु-बेटियों के साथ किस प्रकार से दुर्व्यवहार कर उन्हें खदेड़ दिया गया। वह अपनी जान व इज्जत बचाने के लिए हमारे देश शरण लिए हैं, तो क्या भारत भी उन्हें शरण देने के बदले खदेड़ दे, यह ठीक नहीं है। डा शर्मा ने कहा कि बांग्लादेश में इनकी आबादी 30 प्रतिशत से 7 प्रतिशत तथा पाकिस्तान में 23 से 3 प्रतिशत तक पहुंच गई है। वहां पर किस प्रकार से इनके साथ टर्चर किया गया होगा, क्या हम उन्हें आश्रय नहीं देगे। कुछ सिख भाइयों को पूजा करने नहीं दिया गया, उनके गुरुद्वारे को तोड़ दिया गया है, अब हमारे शरण में वे आए हैं तो क्या हम उन्हें नागरिकता देकर गलती कर रहे हैं, इससे क्या भूकम्प आ जाएगा। उनके पास रहने की जगह नहीं है, क्या उन्हें हम पाकिस्तान भेज देंगे, क्या उन्हें मौत के मुंह में ठेल दें। सीएए कानून नागरिकता देने का है नागरिकता लेने का नहीं है, इसीलिए आम लोगों को जागरूक करने के लिए यह विशाल जागरूकता रैली निकाली गई है।

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