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सभी आरटीओ में खुलेंगे विशेष काउंटर, वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र अनिवार्य
भुवनेश्वर। ओडिशा परिवहन विभाग ने घोषणा की है कि 10 जनवरी से राज्यभर के सभी आरटीओ कार्यालयों में ग्रीन पीयूसीसी वैधता स्टिकर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए प्रत्येक आरटीओ में विशेष काउंटर खोले जाएंगे, ताकि वाहन मालिकों को सुविधा मिल सके।
परिवहन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, जिन वाहन मालिकों ने पहले से वैध पीयूसीसी प्राप्त कर रखा है, वे अपने संबंधित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय से ग्रीन स्टिकर ले सकेंगे। स्टिकर जारी करने से पहले आरटीओ अधिकारी पीयूसीसी, वाहन पंजीकरण विवरण और वाहन डाटाबेस में उपलब्ध रिकॉर्ड का सत्यापन करेंगे।
ग्रीन पीयूसीसी स्टिकर कैसे प्राप्त करें
स्टिकर प्राप्त करने के लिए वाहन मालिक को मूल या डिजिटल पीयूसीसी प्रमाणपत्र, पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) की प्रति और वैध पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यदि वाहन मालिक किसी अन्य व्यक्ति को स्टिकर लेने के लिए अधिकृत करता है, तो उसे वाहन मालिक द्वारा हस्ताक्षरित अधिकार पत्र के साथ, मालिक और अधिकृत व्यक्ति, दोनों के पहचान पत्र जमा करने होंगे।
10 जनवरी कट-ऑफ तिथि, लागू होगी दोहरी व्यवस्था
परिवहन विभाग ने 10 जनवरी 2026 को ग्रीन पीयूसीसी स्टिकर व्यवस्था लागू करने की कट-ऑफ तिथि तय की है। 9 जनवरी 2026 तक पीयूसीसी प्राप्त करने वाले वाहन मालिक संबंधित आरटीओ से स्टिकर लेंगे। 10 जनवरी या उसके बाद जिन वाहनों का प्रदूषण परीक्षण होगा, उन्हें स्टिकर सीधे अधिकृत पीयूसीसी जांच केंद्र से ही मिलेगा।
पीयूसीसी जांच केंद्रों की भूमिका
10 जनवरी के बाद प्रदूषण जांच कराने वाले वाहनों को अधिकृत पीयूसीसी जांच केंद्र उत्सर्जन परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा होने और प्रपत्र 59 जारी होने के बाद तुरंत ग्रीन स्टिकर प्रदान करेंगे। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। बिना वैध जांच और प्रमाणपत्र के कोई भी स्टिकर जारी नहीं किया जा सकेगा।
स्टिकर लगाने के स्पष्ट निर्देश
– दो पहिया वाहनों को छोड़कर अन्य सभी वाहनों में ग्रीन स्टिकर सामने के शीशे के अंदर बाएं कोने में लगाया जाएगा, ताकि बाहर से साफ दिखाई दे।
– दो पहिया वाहनों में स्टिकर वाहन के बाहरी हिस्से पर किसी स्पष्ट स्थान पर लगाया जाएगा।
ग्रीन स्टिकर अनिवार्य नहीं, लेकिन सहायक
परिवहन मंत्री विभूति भूषण जेना पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि ग्रीन पीयूसीसी स्टिकर लगाना अनिवार्य नहीं है। हालांकि विभाग का कहना है कि इस व्यवस्था से सड़क किनारे जांच और प्रवर्तन अभियानों के दौरान पीयूसीसी सत्यापन अधिक तेज और प्रभावी होगा।
ईंधन पंपों को दिए गए निर्देश
इधर, सभी ईंधन खुदरा केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ओड़िया और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में सूचना बोर्ड लगाएं, जिनमें यह स्पष्ट हो कि पीयूसीसी एक कानूनी अनिवार्यता है। साथ ही, जिन वाहन मालिकों के पास वैध पीयूसीसी नहीं है, उन्हें नजदीकी अधिकृत जांच केंद्र की जानकारी देने को कहा गया है।
फर्जी स्टिकर पर होगी सख्त कार्रवाई
परिवहन विभाग ने चेतावनी दी है कि फर्जी या अनधिकृत पीयूसीसी स्टिकर जारी करने या उपयोग करने पर मोटर वाहन अधिनियम और केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित पीयूसीसी केंद्र की मान्यता रद्द की जा सकती है।
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