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सबसे ज्यादा मामले खुर्दा में दर्ज
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विधानसभा में डिप्टी सीएम परिडा का खुलासा
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कुल 11,337 मामलों में 8,362 बच्चों का पता चला
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बालेश्वर की रिकवरी दर सबसे चिंताजनक
भुवनेश्वर। ओडिशा विधानसभा में शनिवार को पेश किए गए आंकड़ों ने राज्य में बच्चों के लापता होने की गंभीर स्थिति को फिर से उजागर कर दिया। उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा ने सदन को जानकारी दी कि जनवरी 2024 से अब तक 11,337 बच्चे लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की गई, जिनमें से 8,362 बच्चों का पता लगाया जा चुका है, जबकि 2,975 बच्चे अभी भी लापता हैं।
परिडा ने कहा कि राज्य सरकार पुलिस, चाइल्ड वेलफेयर कमेटियों और सामुदायिक नेटवर्क के साथ मिलकर समन्वित अभियान चला रही है, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को सुरक्षित वापस लाया जा सके। जिला-वार प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार खुर्दा जिले में सबसे अधिक 785 बच्चे लापता हुए, जिनमें से 576 बच्चों को अब तक खोजा जा सका है।
दूसरी ओर, बालेश्वर जिले में 683 मामले दर्ज हुए, लेकिन इनमें से केवल 114 बच्चों को ही वापस लाया जा सका, जिससे जिले की बेहद कम रिकवरी दर पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इसके विपरीत, गजपति जिले में 659 बच्चों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज हुई, लेकिन वहीं से पिछले वर्षों के मामलों सहित 715 बच्चों को ट्रेस किया गया, जो अन्य जिलों की तुलना में उल्लेखनीय सफलता है।
बढ़ते मामलों और असमान रिकवरी दरों ने बच्चों की सुरक्षा और निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जबकि सरकार का दावा है कि सभी एजेंसियां मिलकर लापता बच्चों को ढूंढने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
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