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ओडिशा सरकार ने उठाया बड़ा कदम
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पहले सिर्फ डीएसपी और उससे ऊपर के अधिकारी थे अधिकृत
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने अनुसूचित जाति और जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत दर्ज मामलों की जांच का अधिकार पुलिस निरीक्षकों (इंस्पेक्टर) और उप-निरीक्षकों (सब-इंस्पेक्टर) को भी दे दिया है। अब तक केवल उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) और उससे उच्च पदस्थ अधिकारियों को ही ऐसे मामलों की जांच, अभियोजन और गिरफ्तारी का अधिकार प्राप्त था। शनिवार को जारी अधिसूचना के बाद यह व्यवस्था बदल गई है।
विशेष अदालतों में पेश कर सकेंगे मामला
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर अब अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले मामलों की जांच कर सकते हैं और अधिनियम के तहत गठित किसी भी विशेष अदालत में कार्यवाही कर सकते हैं।
त्वरित न्याय और बेहतर पहुंच उद्देश्य
राज्य सरकार का कहना है कि इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति और जनजाति के खिलाफ होने वाले अत्याचार मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाना है। जांच प्रक्रिया को गति मिलने से शिकायतों का निवारण तेज होगा और प्रभावित समुदायों को न्याय तक आसान पहुंच मिलेगी।