Home / Odisha / ओडिशा के भविष्य को संवारने के लिए 12 मेगा इंफ्रा पहल

ओडिशा के भविष्य को संवारने के लिए 12 मेगा इंफ्रा पहल

  •    21 नए शहरी परिषद, सड़क और बंदरगाह विकास

  •     माझी सरकार का मास्टर प्लान, करोड़ों की लागत से बदलेगी तस्वीर

भुवनेश्वर। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में ओडिशा सरकार ने राज्य के भविष्य को नई दिशा देने के लिए 12 बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट की रूपरेखा पेश की है। विजन 2036 और उसके बाद के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह मास्टर प्लान तैयार किया गया है, जिसमें सड़कों, बंदरगाहों, मेट्रो, एयरपोर्ट और नई स्मार्ट सिटी जैसी योजनाएं शामिल हैं।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने 21 नई नगर परिषदों (एनएसी) के गठन की घोषणा की थी। आने वाले पांच वर्षों में 75,000 किलोमीटर सड़क निर्माण की योजना बनाई गई है। इसके अलावा इंचुड़ी, बहुड़ा, सुवर्णरेखा और अस्तरंग में चार नए बंदरगाह बनाए जाएंगे।

साथ ही 500 किलोमीटर आपदा-रोधी सड़कों पर 1,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और 142 विधानसभा क्षेत्रों में ग्रामीण सड़कों के उन्नयन पर 426 करोड़ रुपये लगाए जाएंगे।

विमानन अवसंरचना: एयरपोर्ट, हेलीपोर्ट और पायलट ट्रेनिंग

राज्य में 14 नए एयरपोर्ट और 15 हेलीपोर्ट बनाए जाएंगे। बी-मान कार्यक्रम के तहत आदिवासी लड़कियों को कमर्शियल पायलट ट्रेनिंग दी जाएगी। भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर एयर वर्क्स के साथ साझेदारी में एमआरओ सुविधा भी शुरू होगी।

भुवनेश्वर मेट्रो प्रोजेक्ट

सरकार ने भुवनेश्वर मेट्रो योजना को केंद्र सरकार को भेज दिया है। तकनीकी समिति मार्ग, लागत और साझेदारी मॉडल पर रिपोर्ट तैयार करेगी।

नई सैटेलाइट सिटी और कैपिटल रीजन रिंग रोड

भुवनेश्वर के पास 338 हेक्टेयर जमीन पर नई सैटेलाइट सिटी विकसित होगी। यह शहर कैपिटल रीजन रिंग रोड (सीआरआरआर) से जुड़ा होगा, जिसकी लागत 8,307 करोड़ रुपये है और लंबाई 110.87 किमी होगी। इसमें 2 लाख आबादी बसाने की योजना है।

500 अरब डॉलर का बीजू-भुवनेश्वर-कटक-पुरी-पारादीप आर्थिक क्षेत्र

राज्य सरकार ने बीसीपीपीईआर क्षेत्र को 2047 तक 500 अरब डॉलर का आर्थिक हब बनाने का लक्ष्य रखा है। इसमें 426 एकड़ का न्यू कटक, पुरी में 2500 एकड़ का एयरोसिटी, कटक में 200 एकड़ का मेडिसिटी और 5000 एकड़ का औद्योगिक जोन विकसित किया जाएगा।

ओडिशा अर्बन डिजाइन हब

11 बड़े शहरों के लिए ओडिशा अर्बन डिजाइन हब की स्थापना होगी। यह शहरी ढांचे को विरासत, योजना और सामुदायिक जरूरतों के साथ जोड़ेगा। इसमें 15 मिनट सिटी का कॉन्सेप्ट और 7 प्रमुख पब्लिक स्पेस प्रोजेक्ट शामिल होंगे। इनमें भुवनेश्वर, कटक, राउरकेला, ब्रह्मपुर, संबलपुर, झारसुगुड़ा-संबलपुर, बालेश्वर, बारिपदा, भद्रक, कोरापुट-जयपुर, केंदुझर तथा फुलवाणी शामिल होंगे।

2.3 लाख करोड़ की सड़क निवेश योजना

पांच साल में 2.3 लाख करोड़ रुपये की लागत से राज्य की सड़क व्यवस्था बदली जाएगी। 11 शहरों में रिंग रोड, ग्रीनफील्ड कॉरिडोर और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

कटक-भुवनेश्वर आईटी पार्क

1000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आईटी पार्क तैयार होगा, जिसमें 10 लाख वर्गमीटर का बिल्ट-अप स्पेस होगा। यह पूर्वी भारत का सबसे बड़ा आईटी हब बनेगा।

ओडिशा मंडप और आधुनिक सरकारी भवन

चंद्रशेखरपुर में 10,000 सीट क्षमता वाला ओडिशा मंडप बनेगा, जिसमें होटल और आधुनिक सुविधाएं होंगी। विधानसभा और सचिवालय भवन को भी आधुनिक रूप दिया जाएगा।

भुवनेश्वर एयरपोर्ट का टर्मिनल-3 और पुरी एयरपोर्ट

भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर ओडिशा की संस्कृति से प्रेरित टर्मिनल-3 बनेगा। वहीं, पुरी एयरपोर्ट को भी केंद्र से हरी झंडी मिल गई है।

22 खदानों की नीलामी

राज्य की खनन आय बढ़ाने और उद्योगों को गति देने के लिए 22 खदानों की नीलामी की जाएगी।

कटक में एलिवेटेड कॉरिडोर

कटक में ओएमपी चौक से कंदरपुर तक 640 करोड़ रुपये की लागत से एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा। डीपीआर तैयार हो चुका है और जल्द मंजूरी मिलेगी। इस तरह माझी सरकार की 12 मेगा इंफ्रा पहलें आने वाले वर्षों में ओडिशा की आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली हैं।

Share this news

About desk

Check Also

ओडिशा में किसानों के पंजीकरण की अवधि बढ़ेगी

    मंत्री कृष्ण चंद्र पात्र ने की राहत भरी घोषणा भुवनेश्वर। किसानों को राहत …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *