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कथित उत्पीड़न से तंग आकर लगाई थी आग
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एम्स में 12 डॉक्टरों की टीम कर रही निगरानी
भुवनेश्वर/बालेश्वर। बालेश्वर स्थित फकीर मोहन (एफएम) स्वायत्त कॉलेज की आत्मदाह करने वाली छात्रा गंभीर हालत में एम्स भुवनेश्वर में जिंदगी से जंग लड़ रही है। वह अब वेंटिलेटर पर है और 90% जलने की स्थिति में जिंदगी की जंग लड़ रही है।
एम्स भुवनेश्वर के सूत्रों के अनुसार, छात्रा की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है। 12 विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। चिकित्सकीय सलाह के अनुसार, उसकी हालत को देखते हुए एयरलिफ्ट करने का निर्णय टाल दिया गया है। हालांकि ओडिशा सरकार ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की है।
छात्रा ने पूर्व में शिक्षा विभाग के अध्यक्ष समीर रंजन साहू पर लगातार मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था। उसने यह भी कहा था कि कॉलेज प्रशासन ने उसकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया।
कॉलेज द्वारा बनाई गई आंतरिक जांच समिति की निष्पक्षता पर भी सवाल उठे हैं। छात्रों ने आरोप लगाया कि समिति में केवल शिक्षक शामिल थे, छात्रों का कोई प्रतिनिधित्व नहीं था, जिससे पक्षपात और मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
शिक्षक गिरफ्तार, प्राचार्य निलंबित
घटना के बाद राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक समीर रंजन साहू को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही कॉलेज के प्राचार्य दिलीप घोष को उच्च शिक्षा विभाग ने निलंबित कर दिया है।
उच्चस्तरीय जांच शुरू
मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए एक वरिष्ठ महिला अधिकारी और एक अन्य कॉलेज की प्राचार्या की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित की गई है। साथ ही, फॉरेंसिक जांच भी शुरू कर दी गई है और पुलिस की कई टीमें अन्य शिक्षकों की भूमिका और कॉलेज की आंतरिक समिति की कार्यप्रणाली की जांच में लगी हुई हैं।
इस समिति में उच्च शिक्षा निदेशक काली प्रसन्न महापात्र, उच्च शिक्षा विभाग की संयुक्त सचिव मौसमी नायक और बीजेबी (ऑटो) कॉलेज, भुवनेश्वर की प्रो (डॉ) झुमकी रथ शामिल हैं।
समिति आत्मदाह के प्रयास के कारणों का पता लगाएगी, सहायक प्रोफेसर समीरा कुमार साहू की संलिप्तता की जांच करेगी और पूर्व शिकायतों के निपटान में कॉलेज प्रशासन, प्राचार्य और आंतरिक शिकायत समिति की भूमिका की जांच करेगी।
किसी भी चूक की होगी पहचान
यह समिति किसी भी व्यक्ति या प्राधिकारी की ओर से हुई किसी भी चूक की पहचान करेगी और जाँच के दौरान सामने आने वाले किसी भी अन्य आकस्मिक मामले की भी जांच करेगी। समिति को आवश्यक समझे जाने वाले किसी भी व्यक्ति से सहायता लेने का अधिकार है और वह अपनी रिपोर्ट उच्च शिक्षा विभाग को प्रस्तुत करेगी।
सरकार करेगी इलाज का पूरा खर्च वहन
ओडिशा सरकार ने छात्रा के इलाज से संबंधित सभी खर्च उठाने का ऐलान किया है। साथ ही एम्स भुवनेश्वर के पास रुक रहे परिजनों के लिए आवास की भी व्यवस्था की गई है। उच्च शिक्षा मंत्री स्वयं अस्पताल प्रशासन से समन्वय बनाकर छात्रा को बेहतर से बेहतर इलाज मुहैया कराने की निगरानी कर रहे हैं।
घटना से पूरे राज्य में आक्रोश
यह घटना सामने आने के बाद राज्य भर में छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया है। कई जिलों में प्रदर्शन हुए हैं और आरोपी शिक्षक पर कठोर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और छात्रा को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।