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6,000 से अधिक मुर्गियों को किया जाएगा नष्ट
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बड़ा अंकुला गांव बना संक्रमण का केंद्र
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एक किलोमीटर क्षेत्र में होगा पोल्ट्री नष्टिकरण अभियान
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10 किलोमीटर का दायरे निगरानी क्षेत्र घोषित
पुरी। पुरी जिले के डेलांग ब्लॉक में बर्ड फ्लू (एच5एन1 वायरस) की पुष्टि हो गई है। इसके बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। बड़ा अंकुला गांव को संक्रमण का केंद्र बिंदु घोषित किया गया है और वहां से एक किलोमीटर के दायरे में स्थित सभी पोल्ट्री पक्षियों को नष्ट किया जाएगा।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, 6,000 से अधिक मुर्गियों को मारने की प्रक्रिया तय की गई है, ताकि वायरस के फैलाव को रोका जा सके। इसके अलावा, 10 किलोमीटर के दायरे को निगरानी क्षेत्र घोषित किया गया है और इस क्षेत्र में आने वाले सभी चिकन दुकानों को अगले आदेश तक बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
दो सप्ताह पहले शुरू हुईं थीं असामान्य मौतें
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि लगभग दो सप्ताह पूर्व गांव में मुर्गियों की लगातार मौत होने लगी थी, लेकिन वे कारण से अनजान थे। जब मौतों की संख्या बढ़ने लगी, तो पशुपालन विभाग को इसकी जानकारी दी गई। विभाग ने 9 जुलाई को रक्त और मल के नमूने एकत्र कर जांच के लिए भोपाल स्थित राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान भेजे थे।
शुक्रवार देर रात रिपोर्ट में पुष्टि
शुक्रवार रात को आई लैब रिपोर्ट में एच5एन1 वायरस की पुष्टि हुई। इसके बाद पुरी जिला प्रशासन ने आपातकालीन कदम उठाते हुए संक्रमित क्षेत्र में निषेधात्मक उपाय शुरू कर दिए। आज सुबह से ही पोल्ट्री नष्टीकरण की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है।
सख्त निगरानी में पोल्ट्री फार्म और दुकानें
0 से 3 किलोमीटर के भीतर आने वाले सभी पोल्ट्री फार्म और दुकानों को विशेष निगरानी में रखा गया है। यहां पांच रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को तैनात किया गया है, जो ग्रामीणों और व्यापारियों को जागरूक करने के साथ-साथ सभी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करवा रही हैं।
स्थिति पर कड़ी नजर
जिला पशुपालन अधिकारी के अनुसार, स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। वायरस का प्रसार रोकने के लिए केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार तत्काल नष्टीकरण, सफाई और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने आसपास के ग्रामीणों से अपील की है कि वे मरे हुए पक्षियों से दूर रहें और किसी भी असामान्य घटना की तत्काल सूचना प्रशासन को दें। चिकन बेचने वालों और पोल्ट्री फार्म मालिकों को बायो-सिक्योरिटी नियमों का पालन करने का निर्देश दिया गया है।