-
पेयजल आपूर्ति से संबंधित किसी भी समस्या को तुरंत स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के पास रिपोर्ट करने को कहा गया
-
ओडिशा मंत्री ने ध्यान देने के लिए अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी
भुवनेश्वर। ओडिशा के पंचायती राज मंत्री रवि नारायण नायक ने शुक्रवार को नागरिकों से अपील की कि वे पेयजल आपूर्ति से संबंधित किसी भी समस्या को तुरंत स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के पास रिपोर्ट करें। मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि ऐसी समस्याओं को दो से तीन दिनों के भीतर हल किया जाना चाहिए। हालांकि, अधिक जटिल समस्याओं के लिए सात दिनों का समय निर्धारित किया गया है।
मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि अगर कहीं भी पेयजल संकट होता है, तो तुरंत प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करें।
उन्होंने कहा कि यह कदम राज्य में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है, ताकि गर्मी के मौसम में जल आपूर्ति में होने वाली रुकावटों से प्रभावित लोगों की समस्याओं का समाधान हो सके।
सरकार का 2026 तक पेयजल लक्ष्य
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 2026 तक सभी गांवों में पाइप से पानी पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। यह योजना विशेष रूप से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में जल आपूर्ति की ऐतिहासिक असमानताओं को दूर करने का उद्देश्य रखती है, जहां मौसमी संकट पानी की कमी को बढ़ाता है।
शिकायत निवारण प्रणाली
पंचायती राज मंत्री रवि नारायण नायक ने पानी से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए 7 दिनों की समयसीमा तय की है। यह प्रणाली जल स्तर की निगरानी और ट्यूबवेल की कार्यक्षमता को वास्तविक समय में ट्रैक करने का लक्ष्य रखती है।
ग्रामीण समुदायों पर प्रभाव
यह संकट विशेष रूप से महिलाओं और कृषि श्रमिकों को प्रभावित करता है, जैसे गैसिले्ट जैसे गांवों में, जहां निवासी गर्मी के मौसम के दौरान प्रतिदिन 3-4 घंटे पानी इकट्ठा करने में बिता देते हैं। इससे आर्थिक कठिनाइयां और प्रदूषित जल स्रोतों से स्वास्थ्य जोखिम बढ़ते हैं।
इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार पर जोर
राज्य सरकार जल आपूर्ति नेटवर्क को बढ़ाने के लिए 21,300 नए ट्यूबवेल स्थापित कर रही है, जो मौजूदा 5,20,000 जल स्रोतों के नेटवर्क को बढ़ावा देंगे। ये ट्यूबवेल जल संकट वाले क्षेत्रों में विशेष रूप से लगाए जाएंगे, ताकि अप्रैल से जून तक के बीच होने वाली जल आपूर्ति की कमी को कम किया जा सके।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
