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विश्वविद्यालयों को खोई हुई स्वायत्तता पुनः प्राप्त होगी – डॉ नारायण मोहंती
भुवनेश्वर। राज्य विधानसभा में पारित ओडिशा विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम-2024 का भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने स्वागत किया है। महासंघ के उच्च शिक्षा शाखा के राज्य अध्यक्ष प्रोफेसर शिवब्रत दास और राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद के सदस्य डॉ नारायण मोहंती ने आज यहां एक बयान में कहा कि संशोधित अधिनियम के माध्यम से विश्वविद्यालयों को खोई हुई स्वायत्तता पुनः प्राप्त होगी।
उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत सिनेनेट प्रणाली का पुनर्निर्माण, कुलपतियों की आयु सीमा में वृद्धि, और यूजीसी के नियमों के आधार पर शिक्षक नियुक्ति जैसी प्रक्रियाएं संभव हो सकेंगी।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने लगातार ओडिशा विश्वविद्यालय संशोधन अधिनियम-2020 के विरोध में आवाज उठाई थी और इस पर संशोधन की मांग की थी। अब जब उनकी मांग पूरी हुई है, तो महासंघ की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, राज्य उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज, विभागीय सचिव अरविंद अग्रवाल और संशोधन प्रक्रिया से जुड़ी शिक्षाविदों का आभार व्यक्त किया गया।