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विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान जारी
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शांति बहाली के लिए किए जा रहे हैं प्रयास
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नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 21 से घटकर 7 पर आई : डीजीपी
संबलपुर। आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमाओं पर माओवादियों की गतिविधियों पर ओडिशा कड़ी निगरानी रख रहा है और विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान जारी है। साथ ही शांति बहाली के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
यह जानकारी ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाईबी खुरानिया ने दी। उन्होंने नक्सल समस्या पर चर्चा करते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने और हिंसा में शामिल लोगों से मुख्यधारा में लौटने का आह्वान भी किया है।
उन्होंने यह अपील गुरुवार को संबलपुर में हनुमान जयंती समारोह की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा बैठक के दौरान की।
डीजीपी ने बताया कि पहले ओडिशा के 21 जिले नक्सल गतिविधियों से प्रभावित थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर 7 पर आ गई है। हालांकि, ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा पर नक्सल गतिविधियों का खतरा अभी भी बना हुआ है। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान जारी है और हमें महत्वपूर्ण सफलताएं मिल रही हैं।
डीजीपी ने कहा कि हम 31 मार्च, 2024 तक देश से माओवाद का सफाया करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने कहा कि हम आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ से सटी सीमा पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं। खुफिया सूचनाओं के आधार पर भी अभियान चलाए जा रहे हैं, जिनमें हमें सफलता मिल रही है।
सुरक्षा समीक्षा और शांति बहाली
संबलपुर दौरे के दौरान डीजीपी ने पांच जिलों के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) के साथ बैठक कर नक्सल खतरों का मुकाबला करने और जन सुरक्षा बढ़ाने के लिए रणनीतियों की समीक्षा की। उन्होंने आश्वस्त किया कि ओडिशा पुलिस नक्सल गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही है और किसी भी पुनरुत्थान को रोकने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है।
इससे पहले, डीजीपी ने ओडिशा पुलिस मेडल पुरस्कार समारोह में भाग लिया, जहां उन्होंने उत्तरी रेंज के अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। उन्होंने समलेश्वरी मंदिर में आशीर्वाद भी लिया और उसके बाद अपनी आधिकारिक गतिविधियों को अंजाम दिया।