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कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग से कैंसर के मामलों में इजाफा

  • बलांगीर और अविभाजित संबलपुर क्षेत्र में कैंसर के मामलों में वृद्धि

  • विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष के उपनेता प्रसन्न आचार्य ने इस गंभीर मुद्दे को उठाया

  • ओडिशा सरकार दे रही है जैविक खेती को बढ़ावा – कृषि मंत्री

भुवनेश्वर। ओडिशा में कीटनाशकों और रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता में गिरावट और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं, विशेषकर कैंसर के मामलों में वृद्धि, एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष के उपनेता प्रसन्न आचार्य ने इस गंभीर मुद्दे को उठाया। उन्होंने सरकार से यह जानना चाहा कि कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग को रोकने और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

प्रसन्न आचार्य ने अत्यधिक कीटनाशक उपयोग के दुष्प्रभावों को रेखांकित करते हुए बताया कि बलांगीर और अविभाजित संबलपुर क्षेत्र में कैंसर के मामलों में वृद्धि देखी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन क्षेत्रों में कीटनाशकों का अत्यधिक प्रयोग ही कैंसर के मामलों में बढ़ोतरी का मुख्य कारण है। विपक्ष ने बढ़ते स्वास्थ्य जोखिमों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की।

सरकार का जवाब: जैविक खेती को बढ़ावा 

राज्य के कृषि मंत्री ने सदन में इस समस्या को स्वीकार करते हुए कहा कि सरकार रासायनिक खेती से उत्पन्न जोखिमों को कम करने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य और पर्यावरणीय चिंताओं को देखते हुए ओडिशा सरकार ने ‘बलभद्र ऑर्गेनिक मिशन’ को प्राथमिकता दी है। इस मिशन के तहत टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने और सिंथेटिक उर्वरकों व कीटनाशकों पर निर्भरता को कम करने का लक्ष्य है।

जैविक खेती के विस्तार पर जोर 

कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने उपमुख्यमंत्री और कृषि मंत्री की ओर से बोलते हुए सदन को आश्वस्त किया कि राज्य में जैविक खेती के क्षेत्र को व्यापक रूप से विस्तारित करने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को जैविक खेती के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा ताकि वे इस दिशा में कदम बढ़ा सकें।

जैविक खेती से सेहत और उपज में सुधार की उम्मीद 

विशेषज्ञों का मानना है कि जैविक खेती की ओर बढ़ने से न केवल मिट्टी की उर्वरता में सुधार होगा बल्कि कृषि उत्पादों की गुणवत्ता भी बेहतर होगी, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। राज्य सरकार जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए और अधिक नीतियां और प्रोत्साहन योजना लाने की दिशा में प्रयासरत है।

सतत विकास और स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में कदम 

ओडिशा सरकार का मानना है कि जैविक खेती को बढ़ावा देकर राज्य के किसानों और आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। बलभद्र ऑर्गेनिक मिशन के सफल कार्यान्वयन से न केवल कृषि क्षेत्र में बदलाव आएगा बल्कि समाज में भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। सरकार का प्रयास है कि किसानों को जैविक खेती की ओर प्रेरित कर एक स्वस्थ और स्वावलंबी ओडिशा का निर्माण किया जा सके।

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