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उत्कल दिवस पर ओडिशा में उत्साह

  • सुबह से ही आयोजित हुए कई समारोह

  • 14 अप्रैल तक आयोजित होंगे विभिन्न कार्यक्रम

  • राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं

भुवनेश्वर। ओडिशा में उत्कल दिवस के मौके पर राज्यभर में उत्साह का माहौल है। सुबह से ही कई समारोह आयोजित हुए। इसके साथ 14 अप्रैल तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने उत्कल दिवस पर प्रदेशवासियों को अपनी-अपनी शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री मोहान चरण माझी ने इस दिन की महत्वता को रेखांकित करते हुए ओडिशा राज्य के गठन के लिए बलिदान देने वाले महान नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने प्रदेशवासियों से ओडिशा की संस्कृति, साहित्य, और गौरव को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का संकल्प लिया। इस दिन को विशेष रूप से मनाने के लिए ओडिशा सरकार ने ‘ओडिया पक्ष’ नामक कार्यक्रम की शुरुआत की है, जो 1 से 14 अप्रैल तक पूरे राज्य में आयोजित किया जाएगा। इस अवधि के दौरान, राज्य के प्रत्येक गांव, शहर, और घर में ओडिया संस्कृति, भाषा, और परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समय है जब हमें ओडिशा के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए राज्य के विकास की दिशा में एकजुट होकर आगे बढ़ने का संकल्प लेना चाहिए। ओडिशा के लोग अपनी कला, संस्कृति, और धरोहर से दुनिया में विशेष स्थान रखते हैं। साथ ही, मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों से अपील की कि वे ओडिया भाषा, साहित्य, और सांस्कृतिक धरोहर को अपने जीवन में अपनाएं और राज्य को समृद्ध और सशक्त बनाने के लिए मिलकर कार्य करें।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को ओडिशा के राज्य गठन दिवस पर ओडिशा के लोगों को बधाई दी और कहा कि यह राज्य के समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और इसके लोगों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए गए अभूतपूर्व योगदान का उत्सव मनाने का अवसर है।

उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि ओडिशा ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और इसके लोगों ने आधुनिक भारत के निर्माण में कई निर्माताओं को जन्म दिया। मैं महाप्रभु जगन्नाथ से ओडिशा की शांति और समृद्धि की कामना करती हूं!

‘उत्कल दिवस’ 1 अप्रैल 1936 को ओडिशा के एक अलग राज्य के रूप में गठन की याद में मनाया जाता है। 2011 में उडिसा का नाम बदलकर ‘ओडिशा’ कर दिया गया था।

राष्ट्रपति मुर्मू ने अपनी पोस्ट में आगे कहा कि ओडिशा दिवस के अवसर पर ओडिशा के लोगों को शुभकामनाएं! यह ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और इसके लोगों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए गए योगदान का उत्सव है। ओडिशा के गर्मजोशी से स्वागत करने वाले लोग राज्य की प्रगति के लिए कठिन मेहनत करते हुए अपनी महान परंपराओं को बनाए रखते हैं।

इसके अलावा, राष्ट्रपति ने ‘सर्हुल’ महोत्सव के मौके पर देशवासियों को बधाई दी, जो आदिवासी समुदाय द्वारा विशेष जोश के साथ मनाया जाता है। इस त्योहार पर प्रकृति के अनगिनत उपहारों के लिए आभार व्यक्त किया जाता है। उन्होंने लिखा है कि यह नया साल की शुरुआत का त्योहार है, मैं सभी को खुशहाली और समृद्धि की शुभकामनाएं देती हूं। यह मेरी शुभकामना है कि सभी देशवासी आदिवासी समुदायों से सीख लेकर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ें और प्राकृतिक धरोहर को बनाए रखें।

ओडिशा का इतिहास, साहित्य और संगीत गर्व का विषय है – मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ओडिशा के राज्य गठन दिवस पर लोगों को बधाई दी और कहा कि भारत ओडिशा के इतिहास, साहित्य और संगीत पर गर्व करता है।

उन्होंने एक्स पर लिखा कि उत्कल दीवस पर शुभकामनाएं! यह दिन ओडिशा की महान संस्कृति को श्रद्धांजलि देने का उपयुक्त अवसर है। भारत ओडिशा के इतिहास, साहित्य और संगीत पर गर्व करता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने ओडिशा के लोगों को मेहनती बताते हुए कहा कि केंद्र और ओडिशा सरकार ने पिछले वर्ष राज्य की प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए व्यापक कार्य किए हैं। उन्होंने आगे कहा कि राज्य के लोग विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त कर चुके हैं।

ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपटी ने भी ओडिशा के लोगों को बधाई दी।

माधुसूदन दास को विशेष श्रद्धांजलि

आज सुबह के समय मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राजभवन के पास राज्य के प्रतीक माधुसूदन दास की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और वहां एक समारोह में भाग लिया।

उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि ओडिशा राज्य के गठन के लिए अथाह बलिदान देने वाले महान व्यक्तियों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं जिन्होंने हमारी भाषा, साहित्य और संस्कृति की महिमा को बढ़ाया। इस दिन, हम ओडिशा को समृद्ध और विकसित बनाने के संकल्प को और मजबूत करें। मुख्यमंत्री ने बाद में कटक जिले के सत्यभामापुर में स्थित माधुसूदन दास के जन्मस्थान पर आयोजित समारोह में भी भाग लिया।

राज्य सरकार ने ‘ओडिया पक्ष’ या पखवाड़ा (1 अप्रैल से 14 अप्रैल) मनाने का निर्णय लिया है ताकि राज्य की संस्कृति को बढ़ावा दिया जा सके। मुख्यमंत्री ने एक बयान में कहा कि आइए हम सब मिलकर ओड़िया मन, आत्मा और हृदय में ओडिया को बनाए रखें। ओडिया भाषा, साहित्य, भोजन, वस्त्र और संस्कृति को अपनी दैनिक जिंदगी का हिस्सा बनाएं और एक गर्वित ओडिशा बनाएं।

भाजपा व बीजद ने भी उत्सव मनाया

इसके अलावा, राज्य भाजपा अध्यक्ष मनमोहन समल ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ इस दिन का उत्सव मनाया। विपक्षी पार्टी बीजद ने अपने सभी निर्वाचन क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए हैं। नेता प्रतिपक्ष तथा बीजद मुखिया नवीन पटनायक ने कहा कि ओडिशा हमारी मातृभूमि, भूमि और प्रेम है। अलग राज्य का गठन कई महान व्यक्तियों के प्रयासों और बलिदानों के कारण हुआ। ओडिशा दिवस के अवसर पर हम उन्हें याद करते हैं और उनके दिखाए गए रास्ते पर चलकर ओडिशा को विकास की ऊंचाइयों तक ले जाएं। कांग्रेस ने भी इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी ओडिशा की अनूठी संस्कृति, सुंदर स्मारकों और मेहनती लोगों की सराहना की और राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की।

उप-राष्ट्रपति ने की वृद्धि और समृद्धि की कामना

उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भी ओडिशा के लोगों को बधाई दी। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया कि अपनी शानदार धरोहर, कला और आध्यात्मिक वैभव के साथ ओडिशा भारत के सांस्कृतिक परिदृश्य में विशेष स्थान रखता है। राज्य को आगामी वर्षों में वृद्धि और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छूने की कामना है।

ओडिशा भारत का एक रत्न – अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ओडिशा को भारत का एक रत्न बताया और कहा कि ओडिशा हमेशा देश का एक रत्न रहा है, और आज यह अपने असली सामर्थ्य को पहचानते हुए भारत के विकास इंजन बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। महाप्रभु जगन्नाथ की कृपा से ओडिशा समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छुए।

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा दिवस पर दी शुभकामनाएं

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा दिवस के अवसर पर ओडिशा के लोगों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ओडिशा के मेरे भाइयों और बहनों और ओड़िया समुदाय को, जो दुनियाभर में ओडिशा की संस्कृति और विरासत का प्रसार कर रहे हैं, ओडिशा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। उन्होंने 1936 में ओडिशा के भाषा आधारित स्वतंत्र प्रांत के रूप में स्थापना के गौरव को याद करते हुए कहा कि ओडिशा की कला, संस्कृति, ज्ञान, शौर्य, बलिदान और गौरवशाली इतिहास पर गर्व करें और ओडिशा की संस्कृति को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करें।

उप-मुख्यमंत्री की शुभकामनाएं

ओडिशा के उप-मुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंहदेव और प्रभाती परिडा ने भी ओडिशा दिवस पर सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं दीं। उप-मुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंहदेव ने ट्वीट किया कि उत्कल दिवस पर सभी को खुशियों की शुभकामनाएं! ओडिशा की धरोहर और अदम्य भावना को सम्मानित करते हुए हम नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ें। जय जगन्नाथ!

उप-मुख्यमंत्री प्रभाती परिडा ने ट्वीट किया कि उत्कल दिवस के अवसर पर सभी ओडिया भाई-बहनों को शुभकामनाएं। आइए हम मिलकर ओडिशा को एक समृद्ध राज्य बनाने का संकल्प लें।

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