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मध्यरात्रि से ही श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए मंदिरों में जुटने लगे
भुवनेश्वर। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर ओडिशा के विभिन्न शिव मंदिरों में भक्तों का भारी सैलाब उमड़ा। मध्यरात्रि से ही श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए मंदिरों में जुटने लगे।
भुवनेश्वर के लिंगराज मंदिर, कटक के धवलेश्वर मंदिर, ढेंकानाल के कपिलास मंदिर और भद्रक के अखंडलामणि मंदिर में हजारों श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, महादेव ने संसार की रक्षा के लिए विषपान किया था। उनके जीवन की रक्षा के लिए पूरी सृष्टि ने रातभर जागकर दीप जलाए थे। इसी परंपरा को निभाते हुए भक्त पूरी रात जागकर उपवास रखते हैं, मंदिरों में पूजा करते हैं और दीप जलाते हैं। उपवास तभी खोला जाता है जब महादीप मंदिर के शिखर पर स्थापित किया जाता है।
लिंगराज मंदिर में सुबह 4 बजे ही पहुंचे भक्त
भुवनेश्वर स्थित प्रभु लिंगराज के मंदिर में सुबह 4 बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 40 प्लाटून पुलिस बल को एकाम्र क्षेत्र में तैनात किया गया है। मंदिर और सिंहद्वार को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है।
धवलेश्वर मंदिर में विशेष प्रसाद ‘मंडुआ’ का वितरण
कटक स्थित धवलेश्वर मंदिर में भी सुबह 4 बजे से भक्तों की भीड़ उमड़ी। इस अवसर पर सेवायतों द्वारा विशेष प्रसाद ‘मंडुआ’ तैयार किया गया और भक्तों के बीच वितरित किया गया। यहां महादीप आधी रात को चढ़ाया जाएगा।
कपिलास और अखंडलामणि मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़
ढेंकानाल के कपिलास मंदिर में सुबह से ही भक्त भगवान चंद्रशेखर के दर्शन के लिए उमड़े। इसी तरह भद्रक जिले के अरादी स्थित अखंडलामणि मंदिर में भी हजारों श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया है।
छोटे शिव मंदिरों में भक्ति का माहौल
ओडिशा के सभी प्रमुख शिव मंदिरों के साथ-साथ इलाकों में स्थित छोटे शिवालयों में में भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। हर जगह भक्त श्रद्धा और भक्ति भाव से भगवान शिव की आराधना में लीन हैं। महाशिवरात्रि के इस शुभ अवसर पर ओडिशा में चारों ओर भक्ति की लौ जगमगा रही है।