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राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री ने किया खुलासा
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31 जनवरी से पहले अपने राशन कार्ड सरेंडर करने की अपील
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ऐसा न करने पर की जाएगी सख्त कार्रवाई
भुवनेश्वर। ओडिशा के सभी 30 जिलों के प्रत्येक ब्लॉक में लगभग 200 से 300 अपात्र व्यक्तियों के पास राशन कार्ड हैं। यह जानकारी खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण मंत्री कृष्ण चंद्र पात्र ने दी। उन्होंने इन सभी अपात्र व्यक्तियों से 31 जनवरी से पहले अपने राशन कार्ड सरेंडर करने की अपील की और चेतावनी दी कि ऐसा न करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही इतनी बड़ी संख्या में अपात्र राशन कार्ड धारकों की पहचान कर ली है। उन्होंने यह भी बताया कि इन लाभार्थियों में से कई आर्थिक रूप से संपन्न हैं और उन्हें राशन लाभ लेने की आवश्यकता नहीं है।
कृष्ण चंद्र पात्र ने कहा कि हर ब्लॉक में 200 से 300 लोग राशन कार्ड रखते हैं। इनमें से कई लोग आयकरदाता हैं और यहां तक कि सरकारी कर्मचारी भी हैं।
मंत्री ने बताया कि ओडिशा में राशन कार्ड प्राप्त करने के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया 31 जनवरी तक पूरी कर ली जाएगी और उसके बाद पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार की जाएगी। हालांकि, जो लोग इस महीने के अंत तक अवैध रूप से राशन कार्ड रखते रहेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि मंत्री पात्र ने लगातार दूसरे दिन अपात्र राशन कार्ड धारकों से राशन कार्ड सरेंडर करने की अपील की। कल की प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा था कि यदि अपात्र लाभार्थी 31 जनवरी से पहले अपने राशन कार्ड सरेंडर कर देते हैं, तो उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
अवैध राशन कार्ड रखने पर क्या है सजा?
अवैध राशन कार्ड रखने पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2001 के तहत जुर्माना से लेकर जेल तक की सजा हो सकती है। राज्य सरकार इन मामलों में कानूनी कार्रवाई का निर्धारण करती है और धोखाधड़ी के मामलों में आपराधिक कार्रवाई की जाती है।
राशन कार्ड सरेंडर करने की प्रक्रिया क्या है?
राशन कार्ड सरेंडर करने के लिए स्थानीय खाद्य और नागरिक आपूर्ति कार्यालय से संपर्क करना होगा या उपलब्ध ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग करते हुए आवेदन जमा करना होगा। साथ ही, राशन कार्ड को आवेदन के साथ प्रस्तुत करना होगा।
‘बेईमान मिलर्स’ को भी सख्त चेतावनी
इसी दौरान मंत्री ने ‘बेईमान मिलर्स’ को भी सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे मिलर्स, जो निर्धारित मात्रा से अधिक अनाज काटते हैं या नियमों का पालन नहीं करते हैं, उन्हें शो-कॉज नोटिस जारी की गई है। जो मिलर्स सरकारी नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन्हें नई नीतियों के तहत कार्य करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।