नई दिल्ली।भारत की प्रमुख सामाजिक संस्था एजुकेट गर्ल्स को 2025 के रेमन मैग्सेसे अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।
इसकी घोषणा रविवार को की गई है। यह सम्मान 7 नवंबर 2025 को फिलीपींस की राजधानी मनीला के मेट्रोपॉलिटन थिएटर में आयोजित 67वीं रेमन मैग्सेसे अवॉर्ड सेरेमनी में औपचारिक रूप से दिया जाएगा।
एजुकेट गर्ल्स की संस्थापक सफीना हुसैन ने कहा ने रविवार को बताया कि यह पुरस्कार एजुकेट गर्ल्स को बालिकाओं और युवतियों की शिक्षा के समाज की अतार्किक सांस्कृतिक धारणाओं को चुनौती देने, उन्हें निरक्षरता से मुक्त करने और उन्हें कौशल, हिम्मत और आत्मनिर्भरता देने के लिए दिया गया है।
उन्होंने कहा कि एजुकेट गर्ल्स संस्था अब उस गौरवशाली पंक्ति का हिस्सा बन चुकी है, जिसमें सत्यजीत रे, एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी, किरण बेदी, विनोबा भावे, दलाई लामा, मदर टेरेसा और ऑस्कर विजेता हायाओ मियाजाकी जैसी विश्वप्रसिद्ध विभूतियां शामिल हैं।
सफीना हुसैन ने कहा कि यह उपलब्धि हमारी टीम, बालिका स्वयंसेवकों, पार्टनर्स, समर्थकों और सबसे बढ़कर उन बच्चियों के नाम है, जिन्होंने अपनी सबसे बड़ी ताकत, शिक्षा को फिर से हासिल किया। आने वाले दस वर्षों में एजुकेट गर्ल्स एक करोड़ से भी ज्यादा शिक्षार्थियों तक पहुंचने का लक्ष्य रखता है। भारत के इस मॉडल को अब दुनिया के अन्य हिस्सों में भी साझा करने की योजना है, ताकि हर बच्ची को उसका शिक्षा के हक दे सके। हमें पूरा यकीन है कि जब एक लड़की पढ़ती है, तो उसका असर सिर्फ उसकी जिंदगी तक सीमित नहीं रहता, वह अपने साथ पूरे समाज को आगे बढ़ाती है।
एजुकेट गर्ल्स की सीईओ गायत्री नायर लोबो ने कहा कि हमारे लिए शिक्षा सिर्फ विकास का साधन नहीं, बल्कि हर लड़की का बुनियादी अधिकार है। यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि जब सरकार, कॉरपोरेट, डोनर्स और समुदाय मिलकर काम करते हैं, तो गहरी सामाजिक और संरचनात्मक चुनौतियों को बदला जा सकता है। हम भारत सरकार के प्रयासों और सहयोग के लिए आभारी हैं, जिन्होंने इस मिशन को संभव बनाया। साथ ही, मालदीव की शाहिना अली और फिलीपींस के फादर फ्लावियानो विलनुएवा को भी हार्दिक बधाई, जिनके काम ने हम सभी को प्रेरित किया है।
2007 में स्थापित एजुकेट गर्ल्स आज तक 30,000 से अधिक गांवों में अपनी पहुंच बना चुकी है। 55,000 से ज्यादा सामुदायिक स्वयंसेवकों के सहयोग से संस्था ने 20 लाख से अधिक बशिक्षा से जोड़ने के लिए प्रेरित किया है और 24 लाख से ज्यादा बच्चों की पढ़ाई को बेहतर बनाया है।
2025 में यह सम्मान भारत की एजुकेट गर्ल्स, मालदीव की शाहिना अली और फिलीपींस के फादर फ्लावियानो एंटोनियो एल विलनुएवा को मिला है। शाहिना अली को प्लास्टिक प्रदूषण और समुद्री तंत्र की रक्षा के प्रयासों के लिए, जबकि फादर विलनुएवा को मनीला के बेघर और गरीब लोगों की गरिमा बहाल करने के लिए सम्मानित किया गया है। 2025 के सभी विजेताओं को यह सम्मान 7 नवंबर 2025 को फिलीपींस की राजधानी मनीला के मेट्रोपॉलिटन थिएटर में आयोजित 67वीं रेमन मैग्सेसे अवॉर्ड सेरेमनी में औपचारिक रूप से दिया जाएगा। इस मौके पर उन्हें मेडल और सर्टिफिकेट प्रदान किए जाएंगे। कार्यक्रम को फाउंडेशन के आधिकारिक फेसबुक और यूट्यूब चैनल पर लाइव देखा जा सकेगा।
साभार – हिस
