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मानव तस्कर गिरोह के चार प्रमुख सदस्य गिरफ्तार

  • राजस्थान में कर दिया था महिला का सौदा

  • आरोपियों में एक महिला शामिल

संबलपुर। संबलपुर समेत आसपास के अंतरिम इलाकों के गरीब एवं असहाय महिला एवं युवतियों को राजस्थान, हरियाण एवं दिल्ली ले जाकर उनका मुहमांगा सौदा करनेवाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले इस गिरोह के सदस्यों ने बौद्ध जिला के पुरानाकटक थाना अंतर्गत बरबानी गांव की एक महिला का अपहरण किया और फिर राजस्थान ले जाकर उसे पांच लाख रूपए में बेच दिया। अंतत: उसके एक रिश्तेदार (संबलपुर निवासी) ने मामले की सूचना स्थानीय अंईठापाली पुलिस को दिया।  अंईठापाली पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और महिला की मोबाईल को ट्रैक करते हुए उसक सुराग ढूंढा और अंतत: राजस्थान के चितौडग़ढ़ स्थित रावतभाटा थाना अंतर्गत बारभूजा में छापामारकर महिला को रिहा कराया। अंतत: पुलिस ने तत्परता दिखाया और इस गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त किया। जिला पुलिस मुख्यालय से जारी विज्ञप्ति के अनुसार आरोपियों का नाम दिलीप उर्फ भालू नायक (जुजुमुरा-संबलपुर निवासी), रामदयाल दिग्गल (बापूजीनगर-बौद्ध निवासी), संतोषिनी जेना (बापूजीनगर-बौद्ध निवासी) एवं पप्पूलाल चौधरी (चितौडग़ढ़-राजस्थान निवासी) बताया गया है। मिली जानकारी के अनुसार संतोषिनी एवं उसका पति रामदयाल इस गिरोह के सरगना है। पूछताछ के दौरान उन्होंने बताया कि इस बीच उन्होंने पश्चिम ओडिशा के अंतरिम इलाके से दर्जनों युवतियों को बहलाया-फुसलाया और उन्हें राजस्थान, हरियाण एवं दिल्ली समेत देश के अन्य भूभाग में बेच दिया।  पिछले दिनों अपहृत महिला को संतोषिनी के साथ पहले से परिचय था। चूंकी पीडि़त महिला का पति पेशे से ड्राईवर था, इसलिए अक्सर घर से बाहर रहता था। पिछले 19 दिसंबर को वह महिला गौशाला स्थित अपने मायके जाने के लिए घर से निकली। संबलपुर के अंईठापाली बस स्टेंड में उतरने के बाद उसने अपने पति एवं भाई से फोन पर बात भी किया। इसके कुछ समय के बाद किन्तु उसका मोबाईल फोन स्वीच ऑफ हो गया। उसके भाई एवं पति ने उसे तलाशने का भरसक प्रयास किया और अंतत: अंईठापाली थाना में मामला दर्ज करा दिया। इस बीच 3 जनवरी 2020 को पीडि़त महिला ने अपने पति को फोन किया और बताया कि 19 दिसंबर को संतोषिनी के साथ छह लोगों ने अंईठापाली से उसका अपहरण किया और उसे एक कार में बिठाकर खेतराजपुर रेलवे स्टेशन ले गए। वहां से ट्रेन के माध्यम से राजस्थान ले जाया गया और बेच दिया गया है। पत्नी की बात सुनकर पति आवाक हो गया, अगले दिन वह अंईठापाली थाना पहुंचा और मामला दर्ज करा दिया। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और उस फोन को ट्रैक करना आंरभ किया और अंतत: महिला को उन दलालों के चंगुल से रिहा कराया। पीडि़त महिला ने पुलिस को बताया है कि राजस्थान में उसे एक बंद कमरे में बीस दिनों तक रखा गया। अंईठापाली थाना प्रभारी योगेश पंडा ने पत्रकारों को बताया की पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपने गिरोह के अन्य सदस्यों का नाम बताया है। उसके बलपर पुलिस अपनी कार्रवाई आगे बढ़ा रही है। बहुत जल्द इलाके में सक्रिय मानव तस्कर गिरोह को पर्दाफाश कर दिया जाएगा। दूसरी ओर गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अपराध कायम किया गया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

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